सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी है। नवरात्र के चौथे दिन करीब 45 हजार से ज्यादा श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे। इधर, नवरात्र के दिनों में उत्तर भारत समेत पड़ोसी देश नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई है, लेकिन मुख्य मंदिर क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था न होने से श्रद्धालुओं को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। वहीं श्रद्धालुओं को बेहतर सफाई व्यवस्था न मिलने से गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा का पहला पड़ाव बूम पार्किंग स्थल पर जहां-तहां गंदगी बिखरी है। विश्राम के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं होने पर श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे जमीन पर लेटकर रात काटनी पड़ रही है।
14 मार्च से शुरू हुए पूर्णागिरि मेले में दूर-दूराज से भक्तों की टोलियां देवी के दर्शन को पहुंच रही हैं। शुक्रवार को चतुर्थ नवरात्र के दिन सुबह से ही मां के धाम में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय के मुताबिक 24 घंटे में करीब 45 हजार से ज्यादा भक्तों ने मां के दर्शन किए। इधर, मेला प्रशासन पेयजल और सफाई व्यवस्था को पटरी पर नहीं ला पा रहा है। काली मंदिर से ऊपर मुख्य मंदिर तक 640 मीटर क्षेत्र में पेयजल के कोई इंतजाम नहीं होने से दर्शन के लिए घंटों लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। बताया गया कि पानी नहीं मिलने से कई श्रद्धालु बेहोश तक हो रहे हैं। विधायक कैलाश गहतोड़ी द्वारा निजी तौर पर धाम को भेंट किए गए दो पेयजल वाटर कूलरों को मुख्य मंदिर के पास लगाया गया है, लेकिन पानी नहीं होने से वे शोपीस बने हैं। जल संस्थान के एई प्रेमजी श्रीवास्तव का कहना है कि लाइन में फ्लो कम होने से पानी काली मंदिर से ऊपर नहीं चढ़ पा रहा है।
मुख्य मंदिर में पेयजल की व्यवस्था के निर्देश
मुख्य मंदिर क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था के लिए जल संस्थान के एई को लाइन में पानी नहीं चलने पर किसी भी तरह से श्रद्धालुओं को पेयजल सुविधा मुहैया कराने और जिला पंचायत को बूम स्थित पार्किंग स्थल में सफाई समेत सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। -अनिल चन्याल, मेला मजिस्ट्रेट/एसडीएम टनकपुर।
श्रद्धालुओं की सेवा करने वालों की कमी नहीं
आस्था और श्रद्धा के केंद्र मां पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करने वाले भक्तों की कमी नहीं है। मेला शुरू होते ही भंडारे लगाकर श्रद्धालुओं की सेवा करने वाले भी डेरा जमाए हैं। कुछ सेवा मंडली तो ऐसी हैं जो पूरे मेला अवधि में श्रद्धालुओं को मुफ्त भोजन कराती है। सितारगंज की मां पूर्णागिरि सेवा समिति 28 साल से 41 दिनों तक भंडारा लगाती आ रही है। इस बार भी समिति ने भंडारा लगाया है।
मित्र पुलिस की छाप छोड़ रही महिला उप निरीक्षक
पूर्णागिरि मेले में भले ही फोर्स की कमी है, लेकिन जो फोर्स तैनात है वह श्रद्धालुओं को दर्शन कराने में उनकी हर संभव मदद कर रहा है। मुख्य मंदिर में तैनात महिला उप निरीक्षक सरोज कोहली जहां श्रद्धालुओं से मित्रवत व्यवहार, वृद्ध और असहाय महिलाओं को दर्शन कराने में मदद कर मित्र पुलिस की सोच चरितार्थ कर रही है, वहीं उप निरीक्षक चंद्र सिंह रावत भी वृद्धों और असहाय पुरुषों को दर्शन कराने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।