महिला को मौत के घाट उतारने वाले बाघ के साथ ही मनिहारगोठ में दो लोगों पर हमला करने वाले तेंदुए के मूवमेंट पर भी नजर रखने को वन विभाग ने जंगल में सीसी कैमरे तो लगाए हैं, मगर मूवमेंट देखने की विभाग के पास यहां कोई सुविधा नहीं है।
अलबत्ता विभाग वन्यजीवों से सुरक्षा को लेकर चौकन्ना बना है। शाम ढलते ही विभाग की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त पर निकल जाती है। इधर, बाघ और तेंदुए के साथ ही क्षेत्र में हाथियों के झुंड का भी खौफ बना हुआ है।
इन दिनों शारदा रेंज के जंगल से सटे पूर्णागिरि मार्ग के गांव के साथ ही ककराली एवं छीनीबीट से लगे गांवों में भी वन्यजीवों का खौफ बना है। मंगलवार रात से मनिहारगोठ के साथ ही खटीमा रेंज के सैनिक छावनी से लगे जंगल से सटे विचई, मनिहारगोठ, सैलानीगोठ गांव में भी तेंदुए का खौफ बना है।
शारदा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी ख्याली राम आर्य ने बताया कि रेंज के द्ववान वीट में महिला की जान लेने वाले बाघ के मूवमेंट पर नजर रखने को ककराली एवं द्ववान वीट में लगाए गए सीसी कैमरों से फिलहाल बाघ के मूवमेंट को नहीं देखा जा सका है।
उन्होंने बताया कि कैमरों की चिप से बाघ का मूवमेंट देखने की यहां सुविधा नहीं है। बहरहाल शुक्रवार को कैमरों की चिप हल्द्वानी भेजकर बाघ के मूवमेंट का पता लगाया जाएगा। उधर, खटीमा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी राजेंद्र सिंह मनराल का कहना है कि रेंज से लगे गांवों में वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए विभाग की टीम लगातार नियमित रात्रि गश्त कर रही है।