छह जनवरी को पीपीपी मोड संचालित अस्पताल में चिकित्सा कर्मियों की लापरवाही के चलते बसान की हेमा बोरा पत्नी मोहन सिंह के गर्भस्थ शिशु की मौत की जांच बुधवार को सीएमओ डा.विनोद टोलिया की ओर से गठित जांच समिति ने की। एसीएमओ डा.रश्मि पंत के नेतृत्व में सर्जन डा.आरपी खंडूरी ने महिला चिकित्सक डा.सुपर्णा, यूनिट हेड डा.रवि सिन्हा से पूछताछ करने के साथ ही सभी आवश्यक प्रपत्र अपने कब्जे में लिए हैं।
जांच दल ने महिला के पति मोहन सिंह को बुधवार को जांच की जानकारी दी, जिस कारण वे अपना बयान दर्ज नहीं करा पाए। दल ने बताया कि मोहन सिंह 15 जनवरी को अपना बयान दर्ज करेंगे। बता दें कि अस्पताल में पीपीपी मोड के तहत गत वर्ष 27 अप्रैल को मीनाबाजार के राजेश कुमार की पत्नी ममता के गर्भ से मरा बच्चा पैदा हुआ, जबकि डॉक्टरों ने अंतिम समय तक बच्चे को स्वस्थ बताया था।
इस घटना के बाद हुए बवाल से निपटने के लिए तत्कालीन सीएमओ ने भी डा.पंत के नेतृत्व में इसी प्रकार की जांच समिति का गठन किया गया था, जिसके द्वारा बाकायदा जांच की गई थी, लेकिन जांच में क्या पाया गया, किसकी लापरवाही से गर्भस्थ शिशु की मौत हुई, इसके लिए कौन जिम्मेदार था, इन बातों का अब तक कोई खुलासा नहीं हुआ है।