चंपावत। आईसीयू (सघन निगरानी यूनिट) विहीन चंपावत जिले को कोरोना काल में आईसीयू का तोहफा तो मिला, लेकिन अब तक इस यूनिट का उपयोग नहीं हो पा रहा है। चंपावत जिला अस्पताल में छह बेडों वाली आईसीयू का शुभारंभ पांच सप्ताह पूर्व हो भी चुका है, फिर भी इसका लाभ एक भी मरीज को नहीं मिला है। जबकि शेष दो अस्पतालों में आईसीयू भवन का आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है।
चंपावत जिले के तीन अस्पतालों में आईसीयू निर्माण के लिए जिला प्लान से183.92 लाख रुपये स्वीकृत हुए। आईसीयू के लिए जिला अस्पताल भवन के एक हिस्से में मरम्मत करा निर्माण कराने के बाद उपकरण भी स्थापित कर दिए गए। 16 अगस्त को विधायक कैलाश गहतोड़ी ने बाकायदा इसका शुभारंभ भी किया। लेकिन पांच सप्ताह से अधिक बीत जाने पर भी इसका लाभ अभी तक किसी भी मरीज को नहीं मिल सका है। वहीं टनकपुर और लोहाघाट अस्पताल के आईसीयू कक्षों का अभी काम पूरा नहीं हुआ है। इधर सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि आईसीयू के उपयोग के लिए जिला अस्पताल में प्रशिक्षित स्टाफ है। यूनिट का जल्द से जल्द उपयोग शुरू हो जाएगा। साथ ही दो अन्य केंद्रों के निर्माण कार्य को अक्तूबर तक पूरा करा उपयोग लायक बना लिया जाएगा।
आईसीयू में है ये खास सुविधाएं
चंपावत। आईसीयू में न केवल मरीजों का बेहतर इलाज होगा, बल्कि उनकी देखरेख के लिए वेंटिलेटर सहित आधुनिक मशीनें और विशेषज्ञ भी होगी। इसमें कोरोना मरीजों के अलावा छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को सुविधा मिल सकेगी। 24 घंटे सेवा देने वाले आईसीयू में वेंटिलेटर, रेडिएंट वार्मर, ऑक्सीजन कंसट्रेटर, इनफ्यूजन पंप, मल्टीपेरामीटर मॉनीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, लेरिंगोस्कोप आदि उपकरणों का लाभ भी मिलेगा।
चंपावत जिले में आईसीयू के लिए मिली राशि
1.चंपावत जिला अस्पताल में छह बेडों के आईसीयू के लिए 49.88 लाख रुपये।
2.लोहाघाट उप जिला अस्पताल में चार बेडों के आईसीयू के लिए 37.50 लाख रुपये।
3.टनकपुर उप जिला अस्पताल में चार बेडों के आईसीयू व एससीपी व टीएसपी के लिए 96.54 लाख रुपये।
टनकपुर का निर्माणाधीन आईसीयू भवन।- फोटो : CHAMPAWAT