बारहमासी सड़क (ऑल वेदर रोड) निर्माण के दायरे में आ रहे पेड़ों का मुआवजा न मिलने से खफा बस्तिया के ग्रामीणों ने गांव में सड़क का निर्माण कार्य रोक दिया। उन्होंने कहा कि मुआवजा मिलने तक गांव में सड़क का निर्माण नहीं करने दिया जाएगा। विरोध के चलते कार्यदायी विभाग की ठेकेदार कंपनी को काम रोकना पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे सड़क के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्हें पहले अपना हक मिलना चाहिए।
रविवार को कार्यदायी एनएच की ठेकेदार कंपनी की जेसीबी जैसे बस्तिया गांव के पास सड़क काटने पहुंची, ग्रामीण विरोध पर उतर आए। समाजसेवी हरीश लापड़ की अगुुवाई में ग्रामीणों ने विरोध कर जेसीबी बंद करा दी। उन्होंने कहा कि भूमि पर मालिकाना हक न होने से वे भूमि के मुआवजे के हकदार तो नहीं है, लेकिन दायरे में आ रहे उनके द्वारा लगाए गए पेड़ों का मुआवजा तो उन्हें मिलना चाहिए। कार्यदायी विभाग एवं प्रशासन ने मुआवजे का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के बाद ही गांव में सड़क का निर्माण शुरू करने दिया जाएगा। विरोध करने वालों में नारायण दत्त जोशी, गंगा दत्त जोशी, हरीश दत्त जोशी, अंबा दत्त जोशी, पूरन सिंह, जयमल सिंह, गंगागिरि, रवी चिलकोटी आदि शामिल थे।