फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाराकोट को एक अदद 108 चिकित्सा सेवा का इंतजार

Thu, 21 Dec 2017 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लोहाघाट (चंपावत)।
विज्ञापन
बाराकोट में बना पीएचसी का भवन। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
 बाराकोट विकासखंड स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का गढ़ रहा है, लेकिन यहां की स्वास्थ्य सेवा बदतर हाल में है। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र  के हाल तो इस कदर बुरे हैं, कि यहां खून की मामूली जांच तक की सुविधा नहीं है। इसके बाद भी आपात सेवा के लिए एक अदद 108 सेवा भी शुरू नहीं हो सकी है। इससे दुर्घटना और अन्य आपातकाल में लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ती है। 108 सेवा 12 किमी दूर लोहाघाट से यहां पहुंचती है। इसके आने जाने में करीब 50 मिनट लग जाते हैं।
विज्ञापन


जिले में पांच आपात सेवा 108 हैं, लेकिन 48 ग्राम पंचायतों वाले बाराकोट विकासखंड की 25 हजार की आबादी के लिए यह सेवा नहीं है। यहां के लोग लंबे समय से 108 आपात सेवा की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी हसरत पूरी नहीं हुई। जनवरी 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बाराकोट के लिए 108 आपात सेवा की घोषणा की थी, लेकिन ये एलान भी पूरा नहीं हो सका। राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थित बाराकोट में सड़क दुर्घटना या अन्य किसी तरह की आपात सेवा की जरूरत होने पर 12 किमी दूर लोहाघाट पर निर्भर रहना पड़ता है। गंभीर स्थिति पर ज्यादातर लोग आपात सेवा का इंतजार करने के बजाय निजी वाहनों को किराए में लेकर आगे बढ़ने को मजबूर होते हैं।


ग्रामीणों का कहना है कि सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा बाराकोट का सरकारी अस्पताल न आपात सेवा देने लायक है और नहीं सामान्य इलाज। आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक सहित कुल तीन डॉक्टर तैनात हैं। लेकिन स्त्री रोगों से संबंधित डॉक्टर नहीं होने से महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन



कोट
बाराकोट विकास खंड में 108 आपात सेवा का संचालन शुरू कराने की मांग को लेकर शासन स्तर में समय समय पर पत्राचार किया जा रहा है। शासन के आदेश के बाद ही इस दिशा में अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
विज्ञापन

डा.एमएस बोरा, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें