बाराहोती कूच के लिए गुरिल्ले रवाना
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लोहाघाट (चंपावत)। एसएसबी गुरिल्लों की हरिद्वार से बाराहोती चीन बॉर्डर यात्रा शुरू हो गई है। इस यात्रा में चंपावत जिले से भी सैकड़ों गुरिल्ले शामिल हैं। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी ने कहा कि बाराहोती चमोली जिले में वह स्थान है, जहां पिछले दिनों चीन ने भारत की सीमा में अपने तंबू लगा दिए थे। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। पिछले 13 सालों में गुरिल्लों की सेवा को समाप्त करने के बाद चीन ने 258वीं बार भारत की सीमा का अतिक्रमण किया है।
हमारी सरकार ऐसे आक्रमणों को हल्के में ले रही है, जिसके दुष्परिणाम हो सकते हैं। इसीलिए सरकार और जनता को जगाने के लिए यात्रा की जा रही है। 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद गुरिल्ला प्रशिक्षण देकर चीन के किसी भी संभावित आक्रमण को रोकने की योजना बनाई गई थी। बाद में केंद्र सरकार ने छापेमार युद्ध में प्रशिक्षित गुरिल्लों को भुला दिया। यात्रा में राजस्थान के अध्यक्ष रामेंश्वर सुतार, बिहार के समीर रंजन, रामप्रसाद, आनंद नेगी आदि थे।