सोमवार को सत्य व अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाएगी। देश को आजादी दिलाने वाले इस संत की चंपावत जिला मुख्यालय में लगी मूर्ति का एक साल बीतने के बाद भी कायदे से अनावरण तक नहीं हो सका है। इतना ही नहीं, मूर्ति के आसपास अतिक्रमण भी हो रहा है। पालिका प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है।
जिला मुख्यालय में तत्कालीन विधायक हेमेश खर्कवाल की पहल पर 2016 में बापू की मूर्ति का निर्माण किया गया। महात्मा गांधी स्थल विकास निर्माण कार्य के तहत पांच लाख रुपये से चबूतरे और मूर्ति का निर्माण किया गया था। उस समय गांधी जी की मूर्ति को राजस्थान से मंगवाया गया था। सितंबर 2016 में मूर्ति और चबूतरे का निर्माण कार्य पूरा हुआ। इसके बाद काफी समय तक मूर्ति अनावरण का इंतजार करती रही। कार्यदायी संस्था नगर पालिका ने मूर्ति के अनावरण के लिए दो अक्तूबर 2016 का दिन तय किया। लेकिन इससे पहले किसी शरारती तत्व ने मूर्ति को बेपर्दा कर दिया। तब इसका अनावरण नहीं किया जा सका है।
मूर्तियों की देखभाल का इंतजाम भी नहीं
जिले भर में महात्मा गांधी, संविधान निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर, पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, एकात्म मानवतावाद के प्रणेता रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय, यूपी के पहले सीएम गोविंद बल्लभ पंत और वीर सेनानी कालू माहरा जैसे महापुरुषों की मूर्तियां तो लगाई गई हैं। लेकिन इन मूर्तियों की देखभाल का खास इंतजाम नहीं है। माली से लेकर मूर्तियों की सुरक्षा का प्रबंध नहीं है। इसके अलावा बनबसा में शहीद खीम सिंह की मूर्ति लगाई गई है। लोगों का कहना है कि इन महापुरुषों की मूर्तियों की याद राजनीतिक दलों और प्रशासन को पुण्यतिथि और जयंती के मौके पर ही आती है।
गांधी मूर्ति में माल्यार्पण होगा
सोमवार को गांधी जयंती पर कांग्रेसी महात्मा गांधी की मूर्ति पर माल्यार्पण करेंगे। कांग्रेसी नेता सूरज प्रहरी का कहना है कि आजादी के पुरोधा महात्मा गांधी के योगदान को याद किया जाएगा।
कोट
जिला मुख्यालय में लगी बापू की मूर्ति का औपचारिक अनावरण नहीं हो सका है। दो अक्तूबर 2016 को तत्कालीन विधायक के देहरादून में होने से अनावरण नहीं हो सका। मूर्ति के आसपास अतिक्रमण करने वालों को एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाने का नोटिस भेजा गया है।
अभिनव कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, चंपावत।