रेलवे भूमि को किराये के बजाय नीलामी पर देने से नाराज व्यापारियों के बंद प्रतिष्ठान। संवाद
बनबसा (चंपावत)। रेलवे भूमि किराये के बजाय नीलामी पर देने से नाराज बनबसा के व्यापारियों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। व्यापारी पूर्व की भांति रेलवे की जमीन किराये पर देने की मांग कर रहे हैं। वह रेलवे प्रशासन से मानकों के तहत किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। कहा कि उनकी मांगों पर रेलवे प्रशासन ने कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो वह आंदोलन जारी रखेंगे।
पिछले छह-सात दशकों से रेलवे की भूमि किराये पर ले कारोबार करने वाले करीब सवा सौ स्थानीय व्यापारियों को रेलवे की नई व्यवस्था से बेरोजगार होने का खतरा सता रहा है। वह किराये की जगह नीलामी पर दुकानें देने का विरोध कर रहे हैं। फिलहाल बनबसा की पांच दुकानों की नीलामी 10 जून को पीलीभीत में होनी है। रविवार को दूसरे दिन भी व्यापारियों ने व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी के नेतृत्व में बाजार बंद रख रेलवे के खिलाफ प्रदर्शन किया।
वहां व्यापार मंडल प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर लाल वर्मा, महामंत्री अभिषेक गोयल, पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी, वीरेंद्र चंद, नवीन जोशी, अमरजीत सिंह गांधी, जतिन भाटिया, मनोज भाटिया आदि रहे। सांसद प्रतिनिधि संजय जोशी ने बताया कि बनबसा की रेलवे जमीन पर दुकानों के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सांसद अजय टम्टा से संपर्क किया गया है। बताया कि सीएम और सांसद ने रेलमंत्री से वार्ता कर कोई सकारात्मक हल निकालने का प्रयास किए जाने की जानकारी दी है।
व्यापारियों ने रेल मंत्री को भेजा ज्ञापन
बनबसा। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष भरत भंडारी के नेतृत्व में व्यापारियों ने एसडीएम के माध्यम से रेल मंत्री को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने कहा कि रेलवे ने पांच दुकानों की सूचना लाइसेंस धारक व्यापारियों को नहीं दी। यूपी के समाचार पत्रों में दुकानों की नीलामी का प्रकाशन किया गया। उन्होंने इस नीलामी की सूचना को स्थगित करने की मांग की है। इस दौरान उपाध्यक्ष आशीष गर्ग, वरिष्ठ उपाध्यक्ष देवकीनंदन जोशी, अजय सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद