चंपावत। बनबसा के देवभूमि विद्यापीठ में हुए 39.52 लाख रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले के आरोप में एसआईटी (विशेष जांच दल) ने बैंक ऑफ बड़ौदा के एक कर्मी से पूछताछ की है। यह बैंक कर्मी घोटाले की अवधि में बनबसा शाखा में तैनात था। घंटों की पूछताछ के बाद बैंक कर्मी को छोड़ दिया गया। एसआईटी प्रभारी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ के बाद बैंक कर्मी को छोड़ दिया गया है। इस मामले में इससे पहले भी बॉब के दो अधिकारियों को संदिग्ध भूमिका के चलते 20 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। अलबत्ता कुछ समय पूर्व दोनों अधिकारियों को अदालत से जमानत मिल चुकी है।
एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि देवभूमि विद्यापीठ पर 2015-16 में 221 एससी और 140 एसटी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति के नाम पर 39.52 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। जांच में इस बात की तस्दीक हुई थी कि समाज कल्याण विभाग से मिली रकम छात्र-छात्राओं तक नहीं पहुंची थी। बनबसा थाने में दिसंबर 2019 में विद्यापीठ के चार संचालक चैरब जैन, अनिल गोयल, विवेक शर्मा, गौरव जैन (हरिद्वार जिला निवासी), ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा के मुकेश कुमार और प्रदीप कुमार के अलावा चंपावत के सहायक समाज कल्याण अधिकारी जीएस राणा के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 466, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जबकि पूछताछ के बाद बॉब की बिज्टी सितारगंज के शाखा प्रबंधक विशाल सिंह और विकास भवन रुद्रपुर शाखा के मोहन सिंह के खिलाफ धांधली में संदिग्ध भूमिका के चलते इस साल 20 जनवरी को मुकदमा दर्ज किया गया। फिलहाल ये दोनों आरोपी जमानत पर जेल से बाहर हैं।