श्री मस्टा संगीत कला समिति की ओर से मंगलवार को बैठकी होली का आयोजन किया गया। देर रात तक चली बैठकी होली में श्रोता झूमते रहे।
समिति के अध्यक्ष ललित सोराड़ी के दिशा निर्देशन में पाटी के राम भवन में आयोजित बैठकी होली का शुभारंभ प्रथम सुमिर श्री गणेश वंदना के साथ किया गया। प्रमुख होल्यार सीएस मौनी ने राग यमन में राम नाम की होली, जगत बिचल जिसने खेली, आचार्य ललित सोराड़ी ने राग काफी में पइयां कर जोरी श्याम मोसे खेलो ना होरी, प्रदीप प्रकाश ने राग काफी में सबसे मुबारक होली, फागुन ऋतु शुभ अलबेली, बीसी भट्ट ने राग जंगलाकाफी में पिया हमही संग खेलो होली, तोड़ो ना प्रीत की नाजुक डोरी गीत प्रस्तुत कर समा बांध दिया।
एमसी भट्ट ने राग धमार में काहे करते मोसे रार कन्हैया, मैं तो नीर भरन चली पनघट पर, कैलाश भट्ट ने राग पीलू में होली को खिलाड़ी ऐसो ब्रज को बसैय्या, गड़वा भरन न देत, नवीन पचौली ने राग विहाग में कृष्ण तोरे मन की आज दीवानी, विशाल पचौली ने बंय्या पकड़ मुख मलत गुललवा, एमएन पचौली ने रागदेश में चलो मिल खेलें होली, नंद घर आनंद भयो री, सीएस मौनी ने राग धानी में श्याम सुंदर सखी निपट अनारी भये, हमको छाड़ि प्रभु कुब्जा के बिलम रहे गीत के साथ होली का समापन किया।
देर रात तक चली होली महफिल में शिक्षक रवीश पचौली, भुवन गड़कोटी, पूरन भटट, तन्मय पचौली, कमल आदि ने सुर में सुर मिलाया। तबले में ताल योगेश, विशाल, केसी भटट ने ठोकी।