चंपावत। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अनुज कुमार संगल की अदालत ने चर्चित नाबालिग दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाने की साजिश के प्रकरण में आरोपी अर्जिता राय की जमानत याचिका मंजूर कर ली है। अदालत ने आरोपी को 75 हजार रुपये के निजी बंधपत्र और इतनी ही धनराशि के दो विश्वसनीय एवं सक्षम जमानती पेश करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।
ग्राम पंचायत कलीगांव लोहाघाट निवासी अर्जिता राय (25) के खिलाफ कोतवाली चंपावत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2), 217, 230, 351(2), 353(1)(3), पॉक्सो एक्ट की धारा 11/12, 22/23 और आईटी एक्ट की धारा 67 (ख) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। आरोपी की ओर से मंगलवार को विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) की अदालत में द्वितीय जमानत अर्जी दाखिल की गई। अर्जी में कहा गया कि वह निर्दोष है और उसके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर उसे फंसाया गया है। राजनीतिक रंजिश के चलते उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। उसने कहा कि उसने कोई अपराध नहीं किया है। इसके बावजूद पुलिस ने उसके खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। आरोपी ने जमानत मिलने पर न्यायालय की ओर से निर्धारित सभी शर्तों का पालन करने की बात कही। इस पर विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) अनुज कुमार संगल की अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना द्वितीय जमानत अर्जी मंजूर कर ली।