लोहाघाट/चंपावत। जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा एवं संचार अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। सीएमओ डॉ. देवेश चौहान के दिशा-निर्देश पर विशेषज्ञ अमित बिष्ट और एएनएम रुबिना ने लोगों से संवाद कर घर पर प्रसव कराने के जोखिमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित डॉक्टरों, नर्सों और जरूरी उपकरणों के अभाव में घर पर प्रसव कराना जच्चा-बच्चा दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। कार्यक्रम में प्रसव से पहले बर्थ प्लान तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया। इसमें आपात स्थिति के लिए वाहन की व्यवस्था, रक्त की उपलब्धता, नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र की जानकारी और परिवार के सदस्यों की भूमिका जैसी जरूरी तैयारियों पर जानकारी दी गई।
इधर, बाराकोट के रैगांव और चंपावत के अमोड़ी में स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों ने घर-घर अभियान चला कर गर्भवतियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें अस्पताल में प्रसव के फायदों से अवगत कराया। अभियान के दौरान जिला बीसीसी फैसिलिटेटर अमित बिष्ट, एएनएम दीपा राणा, चंद्रकला और फील्ड सुपरवाइजर दीपक सिंह बोहरा ने परिजनों को गृह प्रसव के गंभीर खतरों के प्रति सचेत किया। संवाद