हिमालय वाटर सर्विस तथा विकास एवं पर्यावरण संरक्षण समिति (हिमवत्स) की ओर से गोद लिए गए उच्चतर माध्यमिक स्कूल कुलेठी में नीति आयोग की ओर से अटल टिंकरिंग प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी। प्रस्तावित प्रयोगशाला में कक्षा छह से बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं को करके सीखो के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे छात्र-छात्राओं को विज्ञान, तकनीकी, इंजीनियरिंग और गणित विषयों को स्वयं करके सीखो के माध्यम से सिखाया जाएगा।
हिमवत्स संस्था के संरक्षक डॉ.एचडी बिष्ट ने बताया कि उच्चतर माध्यमिक स्कूल कुलेठी का चयन तीन चरणों की परीक्षा के बाद हुआ है। उन्होंने बताया कि जून 2016 में अटल इनोवेशन मिशन नीति आयोग की ओर से अटल टिंकरिंग प्रयोगशाला के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए थे। जिसमें 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 13005 सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों के अलावा गैर सरकारी संगठनों ने आवेदन किया था। उत्तराखंड में 411 संस्थाओं की ओर से आवेदन किए गए थे, जिसमें 12 स्कूलों का चयन हुआ है। अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में केवल एकमात्र उच्चतर माध्यमिक स्कूल कुलेठी का चयन हुआ है।
गौरतलब है कि हिमवत्स संस्था की ओर से गोद लिए गए कुलेठी प्राथमिक और उच्चतर माध्यमिक स्कूल में बीते तीन वर्षों से कंप्यूटर और टैबलेट के जरिए शिक्षण का कार्य किया जा रहा है। स्कूलों में सरकारी शिक्षकों के साथ ही संस्था की ओर से स्वयंसेवक शिक्षक तैनात किए गए हैं।
पांच सालों तक प्रतिवर्ष मिलेगी 20 लाख की धनराशि
चंपावत। अटल इनोवेशन मिशन नीति आयोग की ओर से चयनित किए गए कुलेठी स्कूल में अटल टिंकरिग प्रयोगशाला के लिए पांच सालों तक प्रतिवर्ष 20 लाख रुपए की धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। हिमवत्स संस्था के सचिव डॉ.जीबी बिष्ट ने बताया कि स्कूल परिसर में प्रस्तावित प्रयोगशाला के निर्माण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। संस्था की ओर से कुलेठी के अलावा त्यारकूड़ा, चौकी, खर्ककार्की, ढकना बडोला, सैदोला आदि सरकारी स्कूलों को गोद लिया गया है।