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सहायक समाज कल्याण अधिकारी राणा को मिली जमानत

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निलंबित एडीओ जीएस राणा। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। देवभूमि विद्यापीठ बनबसा में हुए 39.52 लाख रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी सहायक समाज कल्याण अधिकारी (एडीओ) को अदालत से जमानत मिल गई है। अलबत्ता आरोपी का निलंबन बरकरार है। घोटाले के नौ आरोपियों में से पांच अब भी जेल में हैं।
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धांधली में मिलीभगत के तथ्य मिलने पर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पिछले साल छह अगस्त को एडीओ जीएस राणा को गिरफ्तार किया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत ने बताया कि छात्रवृत्ति गबन मामले में आरोपी एडीओ को जमानत मिल गई है, लेकिन आरोपी का निलंबन बरकरार है। पाटी के एडीओ राणा को चंपावत संबद्ध किया गया है। वहीं पाटी में एक ग्राम विकास अधिकारी को एडीओ का अतिरिक्त जिम्मा दिया गया है। विद्यापीठ पर 2015-16 में 221 एससी और 140 एसटी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के नाम पर 39.52 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है।
इस मामले में आईपीसी की धारा 409, 420, 466, 467, 468, 471, 120 बी के तहत बनबसा थाने में दिसंबर 2019 में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। एसआईटी प्रभारी चंपावत के कोतवाल धीरेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यापीठ के तीन आरोपी संचालकों (हरिद्वार जिला निवासी चैरब जैन, अनिल गोयल, विवेक शर्मा) को न्यायालय से जमानत मिली है, जबकि एक आरोपी संचालक गौरव जैन पहले से किसी अन्य मामले में हरिद्वार जेल में है। दो अन्य नामजद खटीमा क्षेत्र के मुकेश कुमार, प्रदीप कुमार पिछले साल 27 जुलाई से जेल में हैं। वहीं इस साल 20 जनवरी को पूछताछ के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा की बिज्टी सितारगंज के शाखा प्रबंधक विशाल सिंह और विकास भवन रुद्रपुर शाखा के कर्मी मोहन सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था।
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