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आषाढ़ी वायुरथ महोत्सव:

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सुंई बिशुंग महोत्सव में मां भगवती के वायुरथ को दुर्गम रास्ते पार कर ले जाते श्रद्धालु। - फोटो : LOHAGHAT
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सुंई बिशुंग के आषाढ़ी वायुरथ महोत्सव के अंतिम दिन मां भगवती की वायुरथ यात्रा निकली जिसमें हजारों लोगों ने मां का आशीर्वाद लिया।
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बृहस्पतिवार को चारद्योली के समस्त आयुधों को देवडांगरों द्वारा आदित्य महादेव मंदिर में लाया गया।
हवन यज्ञ के बाद दूध व पवित्र जल से स्नान कराकर देव डांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। मंदिर में पारंपरिक पूजा संपन्न होने के बाद सभी देवडांगरों को अंगवस्त्र भेंट किए गए।
उसके बाद यहां मां भगवती की गुप्त प्यौली को यहां के आदित्य महादेव मंदिर प्रांगण में परिक्रमा कराई गई। मां भगवती के रथ ने अपने 52 बेतालों एवं 64 योगनियों के साथ बिना रस्सों के सहारे वायुरथ यात्रा शुरू की। पारिवारिक अशुद्धि के कारण इस वर्ष बेताल के देवडांगर रथ में सवार नहीं हुए।
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चारद्योली के आयुधों को वायुरथ में रखकर उसे मंदिर से गलचौड़ा, पऊ, चनकांडे, डुंगरी से होते हुए द्यौलागढ़ में लाया गया। उसके बाद वायुरथ खैसकांडे होते हुए उख्खा कोट की दुर्गम पहाड़ी को पार करते हुए बीस गांव बिशुंग की परिक्रमा के लिए निकला। जगह जगह श्रद्धालुओं ने मां भगवती की रथ यात्रा में अक्षत-पुष्प वर्षा की।
जैसे ही वायुरथ बिशुुंग क्षेत्र में पहुंचा समूचा वातावरण मां के जयकारे से गूंज उठा। बिशुंग टाक में कुछ देर के लिए वायु रथ रुका, जहां देवडांगरों ने स्नान किया। इस दौरान वहां से गुजर रहे पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल, एडीएम टीएस मर्तोलिया ने भी मां का आशीर्वाद लिया। रथ में सुंई बिशुंग के लोगों ने अपने निर्धारित स्थानों से कंधा दिया।
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उसके बाद रथ देर रात सुंई के आदित्य महादेव मंदिर पहुंचा जहां मां भगवती एवं आदित्य महादेव की संयुक्त पूजा अर्चना व आरती की गई। आरती करने के बाद प्यौला अपने गंतव्य स्थान मां भगवती मंदिर चौबेगांव की ओर ले जाया गया। प्रसाद वितरण हुआ और देवडांगरों द्वारा मनोकामना, सुख, शांति, समृद्धि का आशीर्वाद दिया।

सुंई बिशुंग के आषाढ़ी वायुरथ महोत्सव में मां भगवती की गुप्त प्यौली को मंदिर की ओर ले जाते श्रद्धा- फोटो : LOHAGHAT

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