वल्सों चौमेल में निकली रथयात्रा में विराजमान मां भगवती श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए।
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चामी चौमेल में चल रहे आषाढ़ी महोत्सव के अंतिम दिन यहां चामी गांव से मां भगवती और मां महाकाली की शोभा यात्रा निकली जिसमें हजारों लोगों ने शीश नवाकर कर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इससे पूर्व बुधवार रात देवडांगरों ने अवतरित होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। यहां लगी देवगद्दी में देव डांगरों ने लोगों के कष्ट हरे। सुबह से चामी के भगवती मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। दोपहर बाद गांव के मंदिर से मां भगवती एवं मां महाकाली की शोभायात्राएं निकलीं। रस्सों के सहारे दो किमी दुर्गम रास्तों से होते हुए खड़ी चढ़ाई पार कर रथ यात्रा देवी थान पहुंची।
रथ में सवार भगवती की डांगर मधी देवी और मां महाकाली के रूप में पार्वती देवी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दे रही थीं। महिलाएं मां भगवती व मां महाकाली का जयकारा लगाते हुए चल रही थी। देर शाम देवी थान पहुंचने के बाद लोक देवताओं ने अवतरित होकर स्नान कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। रथ यात्रा के मंदिर की परिक्रमा पूर्ण करने के बाद मंदिर परिसर में मेला लगा।
गांव के युवाओं ने भंडारा किया जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति की ओर से अध्यक्ष अशोक महर, कुंदन सिंह, गोविंद सिंह, संजू पाठक, नवीन पाठक, विजय महर आदि ने सभी का स्वागत किया। इधर वल्सों चौमेल में भी मां भगवती की रथ यात्रा के साथ आषाढ़ी महोत्सव का समापन किया गया।
बाराकोट ब्लाक के चामी में माँ भगवती, माँ महाकाली की डोला यात्रा को मंदिर ले जाते श्रद्धालु।- फोटो : LOHAGHAT