चंपावत। पहाड़ में गठिया (जोड़ों का दर्द) रोग अब आम लोगों की खास बीमारी हो गई है। मरीज बढ़ रहे हैं, लेकिन जिले में इसे लेकर इलाज की खास व्यवस्था नहीं है। बीते एक साल में जिले के विभिन्न अस्पतालों में आए 47 हजार रोगियों में से साढ़े नौ हजार से अधिक गठिया से पीड़ित मरीज हैं। इनमें बड़ा हिस्सा महिलाओं का है। जिला अस्पताल में अस्थिरोग विशेषज्ञ और फिजीशियन तो हैं, लेकिन परीक्षण की सुविधा नहीं है।
जोड़ों के दर्द से परेशान 63 साल के श्याम दत्त बिस्तर से नहीं उठ पाते हैं। कई जगह इलाज करने के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति सैकड़ों अन्य लोगों की भी है। जाड़ों में जोड़ों का दर्द खासा घातक होता है। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी का कहना है कि गठिया होने की आनुवांशिकता के अलावा कई वजहें हैं। विटामिन डी की कमी से अंगुलियों, घुटने, गर्दन, कोहनी या शरीर के दूसरे जोड़ों में दर्द होता है। शुरुआती लक्षण दिखने पर सीधे डॉक्टर से परामर्श जरूरी है। जंक फूड, बादी और ठंडी तासीर वाले खानपान से परहेज करना जरूरी है फिजियोथैरेपिस्ट के परामर्श पर व्यायाम किया जाना चाहिए।
ये बरतें सावधानियां:
जोड़ों में दर्द या अकड़न होते ही चिकित्सकीय परामर्श लें, नियमित दिनचर्या का पालन करें, रोज व्यायाम करें, घुटने के दर्द में पालथी मारकर ना बैठें।