न बारिश न रोड बंद, फिर भी टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर मुसाफिरों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है। वाहनों के पहिये थम रहे हैं और यात्रियों को एक-एक घंटे तक रास्ते में फंसना पड़ रहा है। ये हाल एनएच पर डामरीकरण के काम की वजह से हो रहा है। वहीं, न कार्यदाई संस्था और न प्रशासन ने आवाजाही करने वालों की तकलीफों की सुध ली है।
टनकपुर से पिथौरागढ़ के 150 किलोमीटर के हिस्से में कई जगह मार्ग को सुधारने की मंशा से डामरीकरण का काम चल रहा है। 1.83 करोड़ रुपये की लागत से एनएच डिवीजन इस काम को करा रहा है। कई बार काम की गुणवत्ता पर भी अंगुली उठी। वहीं, काम के चलते मार्ग में आवाजाही पर भी असर पड़ रहा है। चंपावत से टनकपुर के 75 किलोमीटर में रविवार को बनलेख से धौन के बीच डामरीकरण ने एक किलोमीटर लंबा जाम लगा दिया।
दोनों तरफ वाहनों के काफिले के चलते करीब 35 मिनट आवाजाही ठप रही। इस दौरान दर्जनों वाहन फंसे रहे। डामरीकरण वाला मार्ग कई जगह सिंगल रूट है, लेकिन प्रशासन से लेकर निर्माणदाई संस्था तक को यात्रियों के बर्बाद होने वाले समय की कतई चिंता नहीं है।