सफाई कर्मियों की हड़ताल से मुसीबत बढ़ रही है। चंपावत नगर क्षेत्र में कूड़े के ढेरों की ऊंचाई बढ़ रही है। नगर कई जगह गंदगी से पट गया है, लेकिन सफाई कर्मियों ने वेतन मिलने के बाद ही काम पर वापस आने का ऐलान किया है। गंदगी और गर्मी की वजह से रोग फैलने का भी खतरा बढ़ गया है।
स्वच्छकार कर्मचारी संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार, मंत्री रघुवीर पंवार का कहना है कि जनवरी से वेतन नहीं मिलने के चलते सफाई कर्मी बेहद परेशानी में हैं। उनका रोजमर्रा का खर्चा नहीं चल पा रहा है। हड़ताल से पूर्व पालिका को कई बार चेतावनी भी दी गई। हड़ताल से शांत बाजार, मोटर स्टेशन रोड, गोरलदेव वार्ड आदि में कूड़े के ढेर बढ़ गए हैं। कई जगह लोगों ने दुर्गंध से बचने के लिए कूड़े के ढेर में आग लगा दी। उधर चेयरमैन प्रकाश तिवारी ने कहा कि हड़ताल को खत्म कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सफाई कर्मियों की हड़ताल को वाजिब मानते हैं लोग
चंपावत। पिछले साल अक्तूबर से स्वच्छ भारत अभियान देशभर में जोर-शोर से चल रहा है। करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन चंपावत के सफाई कर्मचारी पांच महीनों से वेतन को तरस रहे हैं। कम पगार पर नगर को साफ रखने वाले इन कर्मियों को कोई सुनवाई नहीं होने पर हड़ताल को मजबूर होना पड़ा। सफाई कर्मियों को पांच माह से वेतन नहीं मिलना पालिका प्रशासन के नकारेपन को दर्शाता है।
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जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर स्थानीय नागरिकों से लेकर यहां से गुजरने वाले लोगों तक को परेशान कर रहे हैं। लंबे समय से ईओ का पद रिक्त होने से भी व्यवस्था में असर पड़ा है।
इंद्रनाथ (07सीपीटी 5पी)
चंपावत।
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गर्मियों में जगह-जगह गंदगी होने से महामारी का खतरा है। कम वेतन पर काम करने वाले इन स्वच्छकों को हर माह वेतन देने के लिए पालिका को उचित कदम उठाने चाहिए।
अमरनाथ सक्टा (07 सीपीटी 6पी)
होटल स्वामी, चंपावत।
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सफाई कर्मियों की मांग जायज है। व्यापारी उनके साथ हैं। नगर पालिका जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है। न वह स्वच्छकों को वेतन दे पा रही है और न नगर को साफ रख पा रही है।
भगवत राय (07 सीपीटी 7पी)
जिला उपाध्यक्ष,
व्यापार संघ, चंपावत।
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पालिका तमाम तरह के टैक्स तो वसूलती है, लेकिन सफाई कर्मियों को वेतन नहीं दे पा रही। नगर की सफाई के लिए पालिका को सबसे पहले वेतन की व्यवस्था करनी चाहिए।
जगदीश पुनेठा (07 सीपीटी 8पी)
चंपावत।