बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान उड़ रही धूल के गुबार से एनएच किनारे बसे ग्रामीण खासे परेशान हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड पानी के छिड़काव करने की बात तो कह रहा है, लेकिन ग्रामीणों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले पा रही है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बारहमासी सड़क का निर्माण जुलाई 2017 में शुरू हुआ। 1065 करोड़ रुपये की लागत वाली सड़क का काम 2019 में पूरा होना है।
शुरूआत में टनकपुर से पिथौरागढ़ तक 150 किमी लंबी सड़क बननी है। 12 मीटर चौड़ी इस सड़क में साढ़े दस मीटर डामरीकरण होना है। टू लेन वाली इस सड़क में इन दिनों कटिंग का काम चल रहा है। लेकिन सड़क कटिंग के दौरान जबरदस्त धूल का गुबार उड़ रहा है। कटिंग के दौरान उठने वाली धूल से यात्रियों के साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुड़ियानी के ग्राम प्रधान देब सिंह, नवीन सिंह, चंद्र सिंह, जगत सिंह, विजय सिंह, ललित सिंह, दिनेश सिंह, कमल सिंह और मदन सिंह का कहना है सड़क कटिंग के दौरान उठने वाली धूल से बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन ग्रामीणों ने सड़क कटिंग के दौरान धूल से बचने को पानी का छिड़काव करने की मांग की है।
कोट
सड़क कटिंग के दौरान पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके लिए तीन टैंकर लगाए गए हैं। मगर गर्मी बढ़ने के साथ ही वातावरण में नमी कम हो रही है। जिस वजह से पानी अधिक देर तक टिक नहीं पा रहा है। -एनसी पांडेय, सहायक अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड।
कोट धूल से फेफड़ों में संक्रमण, अस्थमा और एलर्जी की शिकायत हो सकती है। मुंह में कपड़ा बांध कर इस नुकसान से बचा जा सकता है।-डॉ.आरके जोशी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल।
स्टोन क्रशर की धूल से जीना मुहाल हुआ, कार्रवाई की मांग
चंपावत। राष्ट्रीय राजमार्ग में अमोड़ी के समीप बेट्टा में लगे स्टोन क्रशर से उड़ने वाली धूल ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है। यह स्टोन क्रशर बारहमासी सड़क निर्माण के मद्देनजर लगाया गया है। ग्रामीणों ने स्टोन क्रशर से उड़ने वाली धूल से निजात दिलाने के लिए पानी छिड़काव की मांग की है। रोशन सिंह, प्रदीप सिंह, हयात सिंह और दीपक सिंह, दिनेश भट्ट समेत तमाम ग्रामीणों का कहना है कि तकरीबन एक माह पूर्व स्टोन क्रशर लगाया गया था। तबसे यहां से उड़ने वाली धूल से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बेट्टा, सजौली और कांडा गांव के 80 परिवार इस क्रशर से उड़ने वाली धूल की चपेट में आ रहे हैं। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार स्टोन क्रशर के कर्मचारियों से पानी का छिड़काव करने की अपील की। लेकिन उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने पानी का छिड़काव न करने की दशा में आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इधर चंपावत के तहसीलदार गोविंद प्रसाद का कहना है कि बेट्टा के पास लगे स्टोन क्रशर का शीघ्र निरीक्षण किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने पर क्रशर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।