चंपावत। निर्माणाधीन टीजे (टनकपुर-जौलजीबी) रोड में चूका से रूपालीगाड़ के 24.40 किलोमीटर के दूसरे पैकेज में आर्बिटेशन के आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार अदालत जाएगी। लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल के पत्र पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोक निर्माण विभाग के सचिव को ये आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार टीजे रोड के दूसरे पैकेज में आर्बिटेशन के इस आदेश के खिलाफ देहरादून की कोर्ट में अपील करेगी। अमर उजाला ने 29 जून के अंक में आर्बिटेशन के आदेश को चुनौती मिलने की संभावना जताते हुए प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
तीन सदस्यीय आर्बिटेशन ने दो जून को ठेकेदार दिलीप सिंह अधिकारी को सात करोड़ सात लाख 64 हजार 696 रुपये देने का आदेश दिया था। इस पर लोहाघाट के विधायक ने आर्बिटेशन की भूमिका को कटघरे में खड़ा करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। इसे लेकर विधायक ने सोमवार को देहरादून में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आर्बिटेशन के खिलाफ कोर्ट में अपील करने का आग्रह किया। जिस पर सीएम ने लोनिवि को शीघ्र कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं।
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित बार्डर आउटपोस्ट तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पांच साल पूर्व 135 किमी लंबे टीजे मार्ग को मंजूरी दी थी। लेकिन प्रस्तावित पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र की अंतिम स्थिति साफ नहीं होने से रोड को जौलजीबी के बजाय ठुलीगाड़ से रूपालीगाड़ (42.275 किमी) तक ही मंजूर किया गया। लेकिन विवाद के चलते इसमें से भी अब तक महज 20 किमी मार्ग ही बन सका है।
टीजे रोड के 690 मीटर लंबे पुल में तत्काल काम शुरू होगा
चंपावत। टीजे रोड में चूका और रूपालीगाड़ को जोड़ने वाले 690 मीटर लंबे पुल का काम भी अर्से से लटका हुआ है। अब सीएम ने इसे तत्काल शुरू करने के आदेश दिए हैं। सीएम को दिए ज्ञापन दे विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने कहा कि इस हिस्से के शुरुआती बिंदु चूका में चल्थी नदी पर इस पुल की निविदा 2017 में पूरी हो गई थी। ब्रिडकुल (ब्रिज, रोपवे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड) को करीब 33 करोड़ रुपये से बनाने वाले इस पुल की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन सर्वे और छिटपुट काम के अलावा पुल में कोई काम नहीं हुआ। विधायक का कहना है कि चूका से आगे की रोड बनने का लाभ तभी होगा जब यह पुल तैयार होगा। अलबत्ता अब सीएम के आदेश के बाद तुरंत काम शुरू होने की उम्मीद जगी है।
कोट
अनुभव प्रमाणपत्र मेें खामी के बावजूद टेंडर दिलाने से लेकर री-टेंडरिंग में देरी और आर्बिटेशन तक की कार्यवाही में विभाग की भूमिका संदिग्ध रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टोलरेंस की नीति के चलते ही उन्हें इस लड़ाई को लड़ने की हिम्मत मिली है। वहीं चूका और रूपालीगाड़ के बीच बनने वाले पुल के निर्माण कार्य को तत्काल शुरू कराने के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के आदेश से काम में तेजी आएगी। और सीमांत की सुरक्षा के साथ ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा।
पूरन सिंह फर्त्याल,
विधायक, लोहाघाट।