हाघाट में हथकरघा मेले को लेकर आयोजित जन सुनवाई में मौजूद अधिकारी व लोग। संवाद
लोहाघाट (चंपावत)। नगर स्थित जीआईसी खेल मैदान में हथकरघा मेला लगाने के संबंध में चल रहे विवाद और न्यायालय के आदेश के बाद वन पंचायत सभागार में शनिवार को एसडीएम नीतू डांगर की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई। इसमें व्यापारियों, ग्रामीणों, पूर्व सैनिकों, खेल प्रेमियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिलाओं आदि ने मजबूती से अपना पक्ष रखा और मेले को अन्य जगह आयोजित करने की बात प्रमुखता से उठाई।
व्यापार संघ अध्यक्ष मनीष जुकरिया के नेतृत्व में व्यापारियों ने कहा कि वे हथकरघा मेले का विरोध नहीं कर रहे हैं लेकिन इस मेले का उद्देश्य हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हथकरघा मेला लगता है तो मेले में केवल हथकरघा से जुड़ी वस्तुओं की बिक्री की अनुमति ही दी जाए न कि चीन निर्मित सामान, प्लास्टिक, रेडीमेड कपड़ों या अन्य वस्तुओं की बिक्री की।
व्यापारियों ने यह भी कहा कि नगर में केवल एक ही मैदान और हेलिपैड है। प्री-मानसून सीजन चल रहा है। ऐसे में कोई अप्रत्याशित घटना होने पर बचाव के लिए क्षेत्र में कोई वैकल्पिक हेलिपैड उपलब्ध नहीं है। लोगों ने जीआईसी खेल मैदान में मेले के आयोजन का विरोध किया।
एसडीएम नीतू डांगर ने सभी पक्षों की बात को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सभी सुझावों और आपत्तियों पर विचार कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। जनसुनवाई के दौरान शांति और सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था।
बता दें कि अदालत ने मेला रद्द करने के मामले में एसडीएम को फटकार लगाई थी और 48 घंटे में निर्णय लेने का आदेश दिया था। जनसुनवाई में पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा, तहसीलदार जगदीश नेगी, थानाध्यक्ष अशोक कुमार, प्रधानाचार्य जीआईसी घनश्याम भट्ट, ग्राम प्रधान प्रशासक पाटन जानकी बोरा, व्यापार मंडल महामंत्री विवेक ओली, उपाध्यक्ष दिनेश सुतेडी, कोषाध्यक्ष टीकादेव खर्कवाल, मां झूमाधुरी मेला समिति अध्यक्ष मोहन पाटनी, प्रकाश बोहरा, ताज मोहम्मद सहित अन्य व्यापारी व लोग मौजूद रहे।