फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एएनएम केंद्र को ही बना डाला पुलिस चौकी

Fri, 06 Nov 2015 10:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
विज्ञापन
विज्ञापन
डांडा सड़क से 35 किलोमीटर दूर है। नेपाल सीमा से लगे इलाकों में माओवादी गतिविधियों और क्षेत्र की सुरक्षा के मद्देनजर यहां 2008 में पुलिस चौकी बनाई गई, लेकिन हिफाजत तो दूर खुद पुलिस के पास ही अपनी रिपोर्टिंग चौकी तक नहीं है और एएनएम केंद्र में इसे चलाया जा रहा है, लेकिन सबसे बड़ी दुश्वारी संचार तंत्र के नहीं होने से है।
विज्ञापन


डांडा पहुंचने के लिए जिला मुख्यालय से 51 किलोमीटर की सड़क दूरी के बाद करीब 35 किलोमीटर पैदल चलना होता है। वर्ष 2008 में यहां रिपोर्टिंग पुलिस चौकी बनाई गई पर अब तक इसका अपना भवन नहीं बन सका है। डांडा के एएनएम केंद्र में ही तबसे पुलिस चौकी चल रही है। पुलिस विभाग की दलील है कि अन्य भवन नहीं होने से अस्थायी रूप से यहीं चौकी का काम किया जा रहा है।

डांडा में न लैंडलाइन फोन है और नहीं मोबाइल नेटवर्क। ऐसे में आम फरियादियों या अन्य लोग चौकी पहुंचकर ही पुलिस से संपर्क कर सकते हैं। भवन नहीं होने से पुलिस को रोजमर्रा के कामकाज बेहद कठिन परिस्थितियों में करने पड़ रहे हैं। साथ ही यहां शस्त्रों और अन्य रिकार्डों को रखने का कोई विशेष प्रबंध नहीं है। डांडा पुलिस चौकी के प्रभारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि चौकी में एक हेड कांस्टेबल और 5 कांस्टेबल हैं।
विज्ञापन


ग्रामीण भुगत रहे खामियाजा
एएनएम केंद्र में पुलिस चौकी होने का खामियाजा ग्रामीण भी भुगत रहे हैं। ग्राम प्रधान खष्टी देवी का कहना है कि टीकाकरण के लिए पंचायतघर का सहारा है। आमतौर पर यहां दो से तीन महीनों में एक बार टीकाकरण होता है। एएनएम का पद भी खाली है। प्रधान का कहना है कि तहसील दिवस पर इस मसले को कई बार उठाने के बावजूद चौकी यहां से शिफ्ट नहीं हो सकी है।

डांडा पुलिस चौकी के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। वन भूमि का निस्तारण नहीं होने पर दो साल पूर्व राजस्व भूमि का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा गया है। जमीन मिलने के बाद पुलिस चौकी नए स्थान पर खोली जाएगी। -दिलीप सिंह कुंवर, एसपी 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें