वेतन न मिलने से गुस्साए सफाई कर्मियों का प्रदर्शन
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चार माह से वेतन का भुगतान नहीं होने से गुस्साए नगर पालिका के सफाई कर्मियों ने शनिवार को पालिका कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर धरना दिया। उनका कहना था कि लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण अब उन्हें दुकानों से उधार में राशन मिलना भी बंद हो गया है। किराए के मकानों में रहने वाले पर्यावरण मित्रों को मकान खाली करने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने चार माह से वेतन न मिलने पर रोष जताते हुए जल्द रूके हुए वेतन का भुगतान नहीं करने की सूरत में उग्र आंदोलन चलाने की चेतावनी दी है।
स्वच्छकार संघ के बैनर तले एक हुए सफाई कर्मियों का कहना था कि 2013 में नगरपालिका के अस्तित्व में आने के बाद से आज तक कभी उन्हें समय से वेतन नहीं मिल सका है। पालिका प्रशासन की ओर से इस समस्या के समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। जबकि प्रदेश की अन्य पालिकाओं में ऐसा नहीं है, वहां के सफाई कर्मियों को समय से वेतन की प्राप्ति हो रही है।
पालिका गठन के तीन वर्ष बाद भी सफाई कर्मियों को छह-छह माह तक वेतन की सुविधा से वंचित किया जा रहा है। जिससे स्वच्छकों के सामने अपने परिवारों के भरण पोषण की समस्या पेश आने लगी है। शनिवार को पालिका कार्यालय में धरना प्रदर्शन करने वालों में राकेश वाल्मीकि, नितिन, अर्जुन, रोहिता, विपिन, बलराम, सोनू आदि शामिल रहे।