चपावत। राज्य स्थापना दिवस पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की बैठक में राज्य के मौजूदा हालातों पर चर्चा की गई। राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण का कार्य रोकने पर रोष जताया गया।
जिलाध्यक्ष नवीन मुरारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गैरसैंण को पूर्ण और स्थायी राजधानी का दर्जा देने की मांग उठाई। साथ ही राज्य आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण का कार्य रोकने पर रोष जताया गया। बैठक में राज्य आंदोलनकारियों का नया संगठन बनाए जाने की पैरवी की गई। बताया गया कि अगली बैठक 22 नवंबर को होगी। बैठक में भूपेंद्र सिंह ताऊ, बृजेश माहरा, अर्जुन सिंह ढेक, मोहन सिंह चौधरी, दीपक तड़ागी लारा, डीके पांडेय, हरगोविंद बोहरा, सुधीर साह, किशन गिरी, ललित गोस्वामी, श्याम सिंह कार्की, बसंत तड़ागी, हरीश सिंह अधिकारी, मंदीप ढेक, सुरेंद्र सिंह बोहरा, राजू गड़कोटी, श्याम पांडेय, प्रकाश तिवारी आदि मौजूद रहे। संवाद
विकास से कोसों दूर है उत्तराखंड राज्य
चंपावत। राज्य स्थापना दिवस पर कांग्रेस जिला कार्यालय में गोष्ठी हुई। वक्ताओं ने कहा कि असली उत्तराखंड जो पहाड़ों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखकर बनाया गया था। अभी वह विकास के नाम पर कोसों दूर है। जिलाध्यक्ष उत्तम देव की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी में पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल, पीसीसी सदस्य उमेश खर्कवाल, हरीश चौधरी, सभासद रोहित बिष्ट, प्रकाश बोहरा, नरेंद्र बोहरा, प्रकाश माहरा, मयूख चौधरी, विपिन जोशी, विनोद बडेला, प्रत्यूष वर्मा, विकास साह, भैरव बाबा आदि मौजूद रहे। संवाद