सड़क हादसे में छात्र कुणाल भारती की मौत के बाद बृहस्पतिवार को भी लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ। शिक्षक, अभिभावक एवं लोगों ने जुलूस निकालकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तहसील पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के दफ्तर में घुसकर उनका घेराव कर दिया। एसडीएम द्वारा लिखित आश्वासन देने के बाद ही वह शांत हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कुणाल की मौत पुलिस और प्रशासन की अनदेखी से हुई है, लेकिन भविष्य में ऐसी अनहोनी न हो, इसके लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने एसडीएम अनिल चन्याल को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई एवं पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और विद्यालयों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।
सेंट फ्रांसिस स्कूल के कक्षा आठवीं के छात्र कुणाल भारती (14) को शक्तिमान ट्रक (यूके 03/0638) ने बुधवार को उस वक्त कुचल दिया था जब वह स्कूल की छुट्टी होने पर साइकिल से घर लौट रहा था। हादसे के बाद से ही घटना स्थल पर लोगों का आक्रोश फूटने लगा था, लेकिन बाद में पुलिस-प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से लोग शांत हो गए। बृहस्पतिवार को सेंट फ्रांसिस स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर विद्यालय में अभिभावकों की बैठक बुलाई। पहले दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्र को श्रद्धांजलि दी और फिर शिक्षक-शिक्षिकाएं और अभिभावक सड़क पर उतर आए। वह स्कूल परिसर से जुलूस-प्रदर्शन करते शहर में घूमने के बाद तहसील पहुंचे।
विद्यालय के प्रबंधक ब्रदर सोजन एवं प्रधानाचार्य ब्रदर मरियाम दास के नेतृत्व में उन्होंने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। काफी देर बाद भी जब एसडीएम अनिल चन्याल अपने दफ्तर से बाहर नहीं निकले तो प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए उनके दफ्तर में घुस गए और उनका घेराव कर दिया। प्रदर्शनकारियों एवं एसडीएम के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम दफ्तर के अंदर ही पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद एसडीएम दफ्तर से बाहर आ गए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई घटना की संयुक्त जांच रिपोर्ट की जानकारी देने के साथ ही अब तक की गई कार्रवाई के बारे में बताया, लेकिन प्रदर्शनकारी संतुष्ट नहीं हुए और फिर प्रदर्शनकारी एवं एसडीएम के बीच वार्ता का दौर शुरू हुआ। इसमें एसडीएम को सभी स्कूलों का एक समय करने एवं स्कूल खुलने और छुट्टी के समय स्कूलों के आसपास पुलिस सुरक्षा का लिखित आश्वासन देना पड़ा। प्रदर्शन करने वालों में भाजपा नेता दीप चंद्र पाठक, अमिता, राजेश गुप्ता, मनोज शर्मा, महेश सिंह, प्रदीप मौर्या, आनंद मिश्रा, दीपक कुमार, शिक्षिका रेनू जोशी, प्रियंका जोशी, कंचन लोहनी, किरन सिंह, शालिनी शर्मा, निशा, सुमित सिंह, पुष्पा भट्ट, पूनम चंद, विनोद चंद, ममता खड़ायत समेत काफी संख्या में लोग शामिल थे।
सड़क पर सरिया रखने, सीमेंट अनलोड करा रहे व्यापारी और चालक भी दोषी
टनकपुर (चंपावत)। कुणाल की सड़क दुर्घटना में मौत के लिए सिर्फ शक्तिमान ट्रक चालक प्रकाश चंद्र जोशी ही नहीं, घटना स्थल के पास सड़क पर सामान रखने वाले व्यापारी और सीमेंट अनलोड़ कर रहे दस टायरा ट्रक का चालक भी दोषी है। जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच टीम की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। बता दें कि डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने एसडीएम अनिल चन्याल के नेतृत्व में कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए थे। एसडीएम ने बताया कि संयुक्त जांच में यह बात सामने आई है कि शक्तिमान ट्रक चालक ने छात्र को बचाने की कोशिश नहीं की। इसके अलावा घटना स्थल के पास सड़क पर रखी गई सरिया और सीमेंट अनलोड़ करने को आधी सड़क पर दस टायरा ट्रक को तिराछा खड़ा किए जाने से हादसा हुआ है। सड़क पर सरिया रखने वाले व्यापारी श्याम कुमार गुप्ता, सीमेंट अनलोड़ करा रहे कपिल इंटरप्राइजेज के स्वामी कपिल अग्रवाल और दस टायरा ट्रक चालक को भी हादसे के लिए दोषी पाया गया है। एसडीएम ने बताया कि जांच रिपोर्ट अग्रिम कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को भेज दी गई है।