सुचारू शिक्षण की मांग को प्रदर्शन करतें टनकपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र।
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टनकपुर के एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई। कॉलेज की बदहाली और कई दिनों से ठप शिक्षण कार्य से नाराज छात्रों ने बृहस्पतिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। शीघ्र व्यवस्था सुचारु नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
छात्रों का कहना है कि टनकपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में दो सप्ताह से अधिक वक्त से शिक्षण कार्य नहीं हुआ है। प्रायोगिक कार्य के लिए भी उन्हें 150 किलोमीटर दूर पिथौरागढ़ जाने को मजबूर होना पड़ता है। अनियमित शिक्षण कार्य और जरूरी सुविधाओं की कमी से उनकी तकनीकी पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। अस्थाई तौर पर रखे गए शिक्षकों को नियमित रूप से मानदेय नहीं दिए जाने से भी दिक्कतें आ रही हैं। इन तमाम मसलों का असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है। छात्रों ने जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन करने वालों में शिवानी, नेहा, विनीता, फरीना, आरती, अल्का, सूरज चंद, नीजर, पारस, पीयूष, दीवान सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल थे।
कोट
टनकपुर राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रायोगिक कार्य 15 फरवरी तक पिथौरागढ़ में चले थे। अलबत्ता अब 12 मार्च से कॉलेज का शिक्षण कार्य सुचारु रूप से चलेगा। कॉलेज का भवन भी एक माह के भीतर तैयार होकर हस्तांतरित हो जाएंगे। जिसके बाद से तमाम व्यवस्थाएं ठीक हो जाएंगी।
केएस बैसला, परीक्षा नियंत्रक, उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय