आंगनबाड़ी वर्कर्स ने आंगनबाड़ी कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी और स्थायी नियुक्ति से इनकार करने के विरोध में केंद्रीय बाल एवं महिला विकास मंत्री मेनका गांधी का पुतला फूंका। मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में न्यूनतम 15000 रुपये मानदेय देने समेत तमाम मांगें उठाई हैं। आंगनबाड़ी कर्मियों के आंदोलन को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष मदन सनयाल ने समर्थन दिया।
चंपावत में उत्तराखंड आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन की जिला इकाई ने गोरलचौड़ मैदान से मोटर स्टेशन होते हुए कलक्ट्रेट तक रैली निकाली। इस दौरान मेनका गांधी के बयान की निंदा करते हुए मोटर स्टेशन पर उनका पुतला फूंका। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक वेतन देने, स्थायीकरण का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने, शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश का शासनादेश जारी करने, सरकारी और निजी स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र का प्रमाणपत्र होना अनिवार्य करने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया।
इस दौरान दीपा पांडेय, विमला पनेरू, सुनीता पांडेय, तुलसी सेठी, शशि प्रभा, सरोज तड़ागी, हेमा जोशी, सोनम बोहरा, रेखा कलखुड़िया, बीना पांडेय, सुनीता बोहरा, दीपा बिष्ट आदि आंगनबाड़ी वर्कर्स शामिल रहे।
टनकपुर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियोें ने तहसील पर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। धरना-प्रदर्शन में यूनियन की जिलाध्यक्ष लीला महर, किरन भट्ट, जानकी चंद, सावित्री भट्ट, ब्लॉक अध्यक्ष सरोज मौनी, सुषमा, नीरू बिष्ट, सोनम बसेड़ा, ज्योति शर्मा, मीनू देवी, गोविंदी पंत, पुष्पा चंद, जानकी जोशी आदि शामिल थे।