चंपावत। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में गड़बड़झाला उजागर हुआ है। चंपावत ब्लॉक के सात लोगों ने योजना के तहत मिली पहली किस्त का उपयोग आवास निर्माण के बजाय दूसरी जगह कर दिया। ब्लॉक के अधिकारियों को मौका मुआयना में इस बात की भनक लगी, तो जवाब-तलब करने के बाद अब 3.45 लाख रुपये की वसूली भी कर ली गई है।
एबीडीओ बसंत बल्लभ जोशी ने बताया कि 2016-17 के एक लाभार्थी और 2017-18 के छह लाभार्थियों ने आवास योजना की पहली किस्त का दुरुपयोग किया। औचक मुआयने में इन लाभार्थियों ने आवास बनाने के बजाय इस राशि का उपयोग दूसरे कार्यों में कर दिया। पहली किश्त मकान शुरू करने के लिए दी जाती है। 2016-17 के एक लाभार्थी से 15 हजार रुपये की वसूली हुई, जबकि 2017-18 के पांच लाभार्थियों से 60 हजार-60 हजार रुपये और एक से 30 हजार रुपये की वसूली की गई।
इन ग्रामीणों से हुई वसूली
बसंती देवी (बस्टिया), सीता देवी (मथियाबांज), शांति देवी (नौलापानी), हेमा देवी (पोथ), पूरन सिंह (रुइयां), खीमा देवी (घुड़चुम) और सीता देवी (गोली गांव)।
चंपावत में स्वीकृत हुए हैं 583 आवास
चंपावत ब्लॉक में दो वर्षों में 583 आवास मंजूर हुए हैं। एबीडीओ ने बताया कि 2016-17 में 204 स्वीकृत आवास में से 203 पूरे हुए हैं, जबकि 2017-18 के 379 आवासों में से ज्यादातर निर्माणाधीन है।