चंपावत। जिले में अब बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) प्रमाणपत्र वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं दिया जाएगा। यह व्यवस्था उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण एवं नियंत्रण बोर्ड देहरादून के निर्देश पर लागू की जा रही है।
जिला पूर्ति अधिकारी प्रियंका भट्ट ने बताया कि जनपद के सभी पेट्रोल और डीजल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र वाले वाहनों को किसी भी प्रकार का ईंधन उपलब्ध न कराएं। उन्होंने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वह अपने वाहनों का पीयूसी प्रमाणपत्र बनवाएं और उसके बाद ही पेट्रोल या डीजल प्राप्त करें।
इससे वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया कि यह व्यवस्था पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण की रोकथाम के उद्देश्य से लागू की जा रही है। उन्होंने सभी वाहन स्वामियों से नियमों का पालन करते हुए समय पर अपने वाहनों का पीयूसी प्रमाणपत्र बनवाने को कहा। बता दें कि जिले में 13 पेट्रोल पंप हैं। इसमें एक बंद चल रहा है।