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अमर उजाला फाउंडेशन का मेडिकल कैंप

Mon, 24 Oct 2016 11:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)।
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अमर उजाला फाउंडेशन का मेडिकल कैंप - फोटो : अमर उजाला
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टनकपुर (चंपावत)। अमर उजाला फाउंडेशन ने सोमवार को नेपाल सीमा से लगे सीमांत थपलियालखेड़ा गांव में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में थपलियालखेड़ा के अलावा पड़ोसी देश नेपाल समेत 165 लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर दवाइयां वितरित की गई। लोगों का कहना था कि अमर उजाला केवल समाचार पत्र ही नहीं लोगों के सुख दुख का भी साथी है। 
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 राजकीय प्राथमिक विद्यालय में लगे शिविर में सोमवार सुबह से ही लोगों का जुटना शुरू हो गया था। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से लगाए गए शिविर का शुभारंभ ग्राम प्रधान बसंत राय ने किया। कैंप में छात्रों के साथ ही ग्रामीणों और एसएसबी के जवानों ने भी शिरकत की।

ग्रामीणों ने फाउंडेशन को शुक्रिया कहते हुए कहा कि एक ओर सीमा क्षेत्र में जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव है वहीं अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बीते तीन सालों से चलाई जा रही मुहिम से क्षेत्र के लोगों को काफी लाभ मिला है। कैंप में छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की भी जांच की गई।
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कई रोगियों की पैथोलॉजी जांच भी की गई। कैंप के आयोजन में संयुक्त अस्पताल के एमडी (पैथोलॉजी) डॉ. प्रियांशु श्रीवास्तव, डॉ. वीके जोशी, आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. एम शाहिद, फार्मेसिस्ट प्रीतम लाल विश्वकर्मा, धर्मवीर, प्रधानाध्यापिका गीता देवी, भैरव दत्त पांडेय सहित बड़ी संख्या में दोनों देशों के ग्रामीण शामिल हुए। 

टनकपुर (चंपावत)। अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा थपलियालखेड़ा गांव में लगाए गए तीसरे हेल्थ कैंप से गांव के लोगों के साथ ही नेपाल के सीमांत गांवों के लोगों में भी अमर उजाला के प्रति विश्वास बढ़ा है। गांव के मुखिया मोहन सिंह, शिक्षक गोविंद सिंह, मोहन सिंह और कैलाश सिंह का कहना था कि पहला हेल्थ कैंप लगाने पर हमें उतना विश्वास नहीं था, लेकिन लगातार तीन बार हमारे गांव में हेल्थ कैंप लगने से अब हमें विश्वास हो गया है कि अमर उजाला फाउंडेशन वास्तव में पूरी निष्ठा के साथ हमारे स्वास्थ्य को लेकर फिक्रमंद है।

बनबसा (चंपावत)। अमर उजाला फाउंडेशन का तीसरा मेडिकल कैंप मंगलवार को बेलबंद्धगोठ में लगाया जाएगा। फाउंडेशन की ओर से मरीजों को निशुल्क दवाइयां भी बांटी जाएगी। बेलबंद्धगोठ शारदा बैराज के निर्माण के समय अंग्रेजों ने बसाया था। यहां रहने वाले परिवारों के पूर्वजों ने शारदा बैराज निर्माण में अपना श्रम लगाया था।

हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक इस गांव में अधिकांश परिवार बीपीएल और मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले हैं। अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से 2015 में लगाया गया स्वास्थ्य शिविर में 200 मरीजों का किया परीक्षण किया गया था। मंगलवार को भी अमर उजाला  फाउंडेशन की तरफ से मेडिकल कैंप लगाया जा रहा है। शिविर को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है।
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