मार्च 2014 को चंपावत में सर्किट हाउस का उद्घाटन हुआ तो लगा कि यह आलीशान इमारत अपनी खूबसूरती की तरह मेहमाननवाजी के लिए भी नाम कमाएगी। लेकिन पूरे 16 महीने बीत गए, अभी तक यह भव्य भवन एक चौकीदार के हवाले है।
अति विशिष्ट राज्य अतिथियों के आतिथ्य सत्कार के लिए यहां एक भी स्टाफ नहीं है। पद सृजित नहीं होने से लोकार्पण के बाद अब इसका संचालन जुगाड़ से हो रहा है। बीती नौ जुलाई को कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह पंवार सर्किट हाउस में ठहरे।
कैबिनेट मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश अग्रवाल सहित कई वीवीआईपी भी सर्किट हाउस में रुक चुके हैं, लेकिन इन अति विशिष्ट अतिथियों की अगवानी के लिए कायदे के प्रबंध नहीं है। 249.4 लाख की लागत के इस सर्किट हाउस में दो वीवीआईपी, तीन वीआईपी और दो जनरल गेस्ट हाउस हैं।
इसके अलावा इसे 35 लाख रुपये से फर्नीशड भी किया गया है। अति विशिष्ट अतिथियों के लिए बनी इस इमारत का उद्घाटन तो सीएम हरीश रावत ने किया, लेकिन इसके बाद यह अपने नाम के अनुरूप कैसे काम करेगा, इसका कोई प्रबंध अभी तक हुआ नहीं। इस भारी-भरकम इमारत की देखरेख और संचालन के लिए एक भी कर्मी विभाग के पास नहीं है।