नकदी की कमी से बंद पड़ा यूनियन बैंक का एटीएम।
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जिला मुख्यालय में नकदी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। रविवार को शहर के सभी एटीएम नकदी विहीन रहे। तमाम लोगों ने यहां के सभी एटीएम खंगाल डाले। यहां स्थित एसबीआई समेत तमाम बैंकों के सभी 14 एटीएम खाली रहे। जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रविवार का दिन नकदी निकालने वालों पर भारी पड़ा। एसबीआई के सभी सात एटीएम बंद रहे। बैंक परिसर स्थित मुख्य एटीएम, कोतवाली, एसएसबी, कलक्ट्रेट, शांत बाजार, गोरलचौड़ रोड और जीआईसी रोड स्थित एसबीआई के एटीएम नकदी नहीं होने से खाली रहे। इसके अलावा अन्य बैंकों कैनरा, बॉब, पीएनबी, यूको, यूनियन, आईडीबीआई और सिंडीकेट के सात एटीएम भी खाली रहे। जिससे लोगों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। भगाना भंडारी के दिनेश कुमार को इलाहाबाद जाना था। उन्होंने मुख्यालय के सभी एटीएम के चक्कर काटे, लेकिन कहीं से भी रकम नहीं निकल सकी। इसके अलावा आंबेडकर कालोनी के राज टम्टा और मनोज ढेक ने भी नकदी निकालने के लिए सभी एटीएम के चक्कर लगाए, लेकिन उन्हें भी खाली हाथ लौटना पड़ा।
एसबीआई के उप प्रबंधक निर्मल भट्ट ने बताया कि बैंक में वर्तमान में दो करोड़ रुपये ही बचे हैं। रिजर्व बैंक से पहले ही दो सौ करोड़ रुपये की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि मुख्य एटीएम में बीते दो मई को 17 लाख रुपये डाले गए थे। एसएसबी स्थित एटीएम में 23 अप्रैल को 20 लाख रुपये और कलक्ट्रेट स्थित एटीएम में दस लाख रुपये डाले गए थे। जबकि एसबीआई के अन्य एटीएम में रकम डालने को आउटसोर्सिंग कंपनी को बीते एक मई को दस लाख रुपये दिए गए थे। उनका कहना है कि सौ- सौ के नोट होने से एटीएम में अधिक धनराशि नहीं आ पा रही है। जिस वजह से एसबीआई के एटीएम से धनराशि जल्दी निकल जा रही है। यही वजह है कि रविवार को जिला मुख्यालय के सभी एटीएम नकदी की कमी से शो पीस बने रहे।