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29 जून को भारी बारिश और ओलावृष्टि का पूर्वानुमान

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चंपावत। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से 29 जून को चंपावत जिले में भारी बारिश और ओलावृष्टि का पूर्वानुमान जताया है। इसके बाद पुलिस महकमे की ओर से मौसम का अलर्ट जारी किया गया है।
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एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि टनकपुर से घाट तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारहमासी सड़क का निर्माण कार्य किया जा रहा है। इससे बारिश होने के कारण सड़क पर कई जगह मलबा, पत्थर आदि से सड़क बाधित और दुर्घटना होने की आशंका रहती है। कहा गया है कि जरूरी होने पर ही इस मार्ग से यात्रा करें। यात्रा के दौरान पीने का पानी और हल्का भोजन साथ रखें। खतरे वाले जीर्णशीर्ण भवनों में न रहें। बारिश से नदियों, नालों, रोखड़ों में अचानक जलस्तर बढ़ जानेे का खतरा रहता है इसलिए नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। लोगों से बिजली गिरने के दौरान मोबाइल फोन, टीवी, फ्रिज आदि बंद रखने और बाहर न निकलने की अपील की गई है।
आपदा के दौरान इन फोन नंबरों पर दें जानकारी
चंपावत। एसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि आपदा के दौरान यदि कोई अप्रिय घटना घटती है तो आपदा कंट्रोल रूम के दूरभाष 05965-230819, 230703 (1077) या पुलिस सहायता नंबर 100, 05965-230607, 9411112984 पर तत्काल सूचना दें। इसी आधार पर घटना स्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य किया जा सकेगा।
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शारदा नदी क्षेत्र में 15 अक्तूबर तक रेड अलर्ट
बनबसा (चंपावत)। बरसात में शारदा के जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी को देखते हुए एनएचपीसी प्रशासन ने नदी और नदी तट पर जाने से मनाही कर दी है। सुरक्षा के तहत नदी किनारे रहने वालों को भी सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। इसके लिए एनएचपीसी प्रबंधन ध्वनि विस्तारक यंत्रों समेत पर्चे बांट नदी तट पर रहने वालों को भी सतर्क कर रहा है।
एनएचपीसी के टनकपुर पावर स्टेशन के मुखिया महाप्रबंधक राजीव सचदेवा ने बताया कि एनएचपीसी ने सुरक्षा के तहत 15 जून से 15 अक्तूबर तक शारदा नदी क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित किया है। इस दौरान नदी या नदी तट पर आने-जाने की मनाही होगी। पहाड़ों में होने वाली बारिश के कारण नदी का जलस्तर कभी भी बढ़ जाता है। उन्होंने आम जनता से 15 अक्तूबर तक शारदा नदी या तट पर जाने और मवेशियों को लाने से मना किया है। बताया कि इस दौरान जानमाल को होने वाली क्षति की जिम्मेदारी एनएचपीसी प्रशासन की नहीं होगी।
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