जिले में शिक्षा विभाग में गेस्ट टीचरों की तैनाती को लेकर विवादों का अंत होता नजर नहीं आ रहा है। अब चयनित हो चुके अभ्यर्थियों की ओर से मनपंसदीदा जगह तैनाती न मिलने पर विरोध जताया जा रहा है। इस संबंध में चौड़ाख्याली बिरगुल निवासी रेखा टम्टा ने मंगलवार को जिलाधिकारी, मुख्य शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षाधिकारी को मिलकर अपनी व्यथा सुनाई और ज्ञापन सौंपा।
रेखा टम्टा का कहना है कि विजिटिंग टीचर प्रवक्ता सामान्य शाखा हिंदी में प्रथम वरीयता के आधार पर काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल हुई थी। उससे तीन विकल्प मांगे गए थे, जिस पर उन्होंने पहली वरीयता जीआईसी चंपावत, दूसरी वरीयता चल्थी और तीसरी वरीयता स्वांला दी गई थी, लेकिन उन्हें पहली वरीयता का स्कूल देने के बजाए तीसरी वरीयता का चल्थी स्कूल दिया गया है। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारी एचएस मियानी का कहना है कि अभ्यर्थियों से तीन च्वाइस मांगी थी, लेकिन शासनादेश के अनुरूप पहले दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों में गेस्ट टीचरों की तैनाती की जानी है।
शिक्षा निदेशक को फैक्स से भेजा ज्ञापन
चंपावत। गेस्ट टीचर नियुक्ति में मनपसंद स्थान पर तैनाती न मिलने से नाराज छतार निवासी दीपिका उप्रेती ने मंगलवार को शिक्षा निदेशक को फैक्स के माध्यम से ज्ञापन भेजा है। कहा कि भूगोल विषय से उनकी पहली प्राथमिकता जीआईसी चंपावत थी, लेकिन उन्हें तैनाती दूसरी वरीयता वाले जीआईसी दयारतोली में दी गई है।
खत्म हुआ विवाद, रेखा को मिली तैनाती
लोहाघाट (चंपावत)। विजिटिंग शिक्षकों की तैनाती को लेकर रेखा बोहरा से जुड़ा विवाद जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी के हस्तक्षेप के बाद निस्तारित हो गया। रेखा ने नागरिक शास्त्र विषय से प्रवक्ता के लिए आवदेन किया था। अब उन्हें लोहाघाट जीजीआईसी में तैनाती दे दी गई है। स्थायी निवास नहीं होने पर उन्हें नियुक्ति नहीं दी गई। मामले को डीएम के सम्मुख उठाए जाने और स्थायी निवास प्रमाणपत्र पेश करने पर उन्हें नियुक्ति दे दी गई। खंड शिक्षा अधिकारी राम संजीवन का कहना है कि रेखा बोहरा को जीजीआईसी में तैनाती दे दी गई है और दूसरी अभ्यर्थी अंजू टम्टा को लोहाघाट के स्थान पर अन्यत्र नियुक्ति दी जाएगी।