नेपाल के कंचनपुर अंचल के होटल एसोसिएशन के मुखिया जगदीश चंद्र भटट। संवाद
चंपावत। होटल एसोसिएशन ऑफ कंचनपुर (नेपाल) अंचल के प्रमुख जगदीश चंद्र भट्ट ने कहा कि रोटी-बेटी के रिश्ते, परंपराएं, धर्म, संस्कृति दोनों देशों की पूंजी है। अब दोनों देशों के सीमांत क्षेत्रों में व्यापार के जरिये विकास की नई इबारत लिखी जानी है।
टनकपुर में शनिवार को हुए निवेशक सम्मेलन में नेपाल से आए भट्ट ने कहा कि चंपावत जिले से लगे नेपाल के अंचल भारत से आर्थिक सहयोग के इच्छुक हैं। इसी कारण कंचनपुर से व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल टनकपुर आया है। सीमा पर बन रहे ड्राइपोर्ट (सूखा बंदरगाह) से दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों में उछाल आएगा। दोनों तरफ के सहयोग और आपसी विश्वास से आर्थिक समृद्धि भी बढ़ेगी।
सीमा क्षेत्र में सहजता और आधारभूत ढांचे को बेहतर करने से होटल और साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। महाकाली नदी का उपयोग संयुक्त रूप से राफ्टिंग के लिए किया जा सकता है। इसी के मद्देनजर नेपाल में कनाली नदी में राफ्टिंग कराने वाली नेपाल की कंपनी ने पहल की है लेकिन तकनीकी वजह से करार नहीं हो सका। उद्योग विभाग के महाप्रबंधक डॉ. दीपक मुरारी का कहना है कि दो देशों का मामला होने से इसमें कई औपचारिकताएं होने की वजह से नेपाल की कंपनी से करार नहीं हो सका।
करार जमीन पर उतरा तो 721 लोगों को मिलेगा रोजगार
चंपावत। जिला स्तरीय मिनी काॅन्क्लेव में हुए करार अगर जमीन पर उतरे तो बहुआयामी आर्थिक विकास होगा। उद्योग महाप्रबंधक डॉ. दीपक मुरारी का कहना है कि 456.96 करोड़ रुपये के एमओयू (करार) से 721 लोगों को रोजगार मिलेगा। पांच विभागों ने इन करारों पर हस्ताक्षर किए हैं। संवाद
नेपाल के कंचनपुर अंचल के होटल एसोसिएशन के मुखिया जगदीश चंद्र भटट। संवाद