मत्स्य तालाब का निरीक्षण करते विधायक
- फोटो : अमर उजाला
विधायक हेमेश खर्कवाल ने कहा कि मत्स्य पालन ने पहाड़ पर किसानों और नौजवानों को स्वरोजगार के नए मौके दिए हैं। मत्स्य दिवस पर जिला मुख्यालय में हुई गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि विधायक ने नदी से लगी हर ग्राम पंचायत में दस-दस मत्स्य तालाब बनाने की घोषणा की। भंडारबोरा ग्राम पंचायत से इसकी शुरुआत की जाएगी।
यहां से करीब 9 किलोमीटर दूर कठाड़ गांव में हुई गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी हरगोविंद भट्ट ने सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। कहा कि मनरेगा के तहत मत्स्य तालाब निर्माण में सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के मत्स्य वैज्ञानिक डा.वीके सिंह ने मत्स्य पालन की तकनीकी जानकारी दी। डीडीओ वीके उपाध्याय, जिला मत्स्य अधिकारी त्रिभुवन मौर्य ने मत्स्य पालन से संबंधित सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।
मुख्य कृषि अधिकारी आरएल चंद्रावल ने किसानों से कृषि के साथ ही मत्स्य पालन के क्षेत्र में काम करने की अपील की। बाद में मुख्य अतिथि खर्कवाल ने क्षेत्र के प्रगतिशील किसान लक्ष्मण सिंह के मत्स्य तालाबों का निरीक्षण किया। गोष्ठी में पूर्व प्रधान विपिन जोशी, अशोक कार्की, दीपक लारा, मयूख चौधरी, नरेश जोशी आदि मौजूद थे।
तीन लाख रुपये की आय कर रहे हैं लक्ष्मण
कठाड़ के प्रगतिशील किसान लक्ष्मण सिंह मत्स्य पालन कर प्रतिवर्ष तीन लाख रुपये की अतिरिक्त आय कर रहे हैं। 15 वर्ष पूर्व शौकिया तौर पर शुरू हुआ मछली पालन का सफर अब अंजाम तक पहुंच रहा है। लक्ष्मण ने बताया कि वर्तमान में वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर सात मत्स्य तालाबों में मछली पालन कर रहे हैं। एक तालाब से हर साल उन्हें 40 हजार रुपये की आय होती है। उनकी देखादेखी कई किसान अब मत्स्य पालन को प्रेरित हो रहे हैं।