चंपावत। कोरोना काल के बावजूद शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों में पहली कक्षा में निशुल्क प्रवेश लेने वालों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन निशुल्क दाखिला लेने वाले पहली कक्षा से इंटर तक के छात्र-छात्राओं की संख्या में कमी आई है।
निजी स्कूलों में पहली से इंटर तक निशुल्क प्रवेश लेने वाले 2018 में 3006 छात्र थे। जो 2019 में घटकर 2790 और 2020 में 2726 हो गए। इस साल की संख्या के आंकड़े अभी जारी नहीं किए गए हैं।
समग्र शिक्षा के जिला समन्वयक मोहन सेलिया ने बताया कि इस साल पहली कक्षा में 438 विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं। वहीं अब प्रवेश की समय सीमा दो और दिन बढ़ाई गई है। अब आरटीई के तहत छह सितंबर तक ब्लॉक स्तर पर आवेदन पत्र जमा कराए जा सकेंगे।
वर्ष 2011 से शुरू आरटीई अधिनियम के तहत एससी-एसटी, पिछड़ा वर्ग, अनाथ बच्चे, दिव्यांग वर्ग के 80 हजार रुपये सालाना से कम आय वाले अभिभावकों के बच्चों समेत अपवंचित वर्ग के 55 हजार रुपये वार्षिक से कम आय वाले अभिभावकों के बच्चों को पहली कक्षा में निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा है।
वर्ष पहली कक्षा के प्रवेशार्थियों की संख्या
2017 489
2018 354
2019 405
2020 408
2021 438