सतत विकास कार्यक्रम में एक गैर सरकारी संस्था के उत्पीड़न से तंग आकर इस्तीफा देने वाले एडीएम हेमंत कुमार वर्मा सोमवार को कलक्ट्रेट आए। इसके साथ ही वह सोमवार से पहली मार्च तक अवकाश पर चले गए। एडीएम के इस्तीफा प्रकरण को लेकर कलक्ट्रेट में सोमवार को दिनभर चर्चा रही। कई लोगों ने उनके इस कदम को उत्पीड़न के खिलाफ साहसिक आवाज बताया।
एडीएम वर्मा ने 24 फरवरी को इस्तीफा दे दिया था लेकिन डीएम के समझाने पर 25 फरवरी को उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया था। उनकी तबियत भी फिलहाल ठीक नहीं है। एडीएम सोमवार को अपने वाहन से जिला कार्यालय पहुंचे और डीएम डॉ. अहमद इकबाल को अवकाश का प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने अपने वाहन को नाजरात में जमा कराया और उसके बाद निजी वाहन से अपने घर हल्द्वानी रवाना हो गए।
स्वास्थ्य खराब होने के कारण एडीएम सोमवार को ज्यादा देर तक जिला कार्यालय में नहीं रुके। चंपावत में एक गैर सरकारी संगठन के सहयोग से 23 फरवरी से दो दिन तक चले सतत विकास पर्व के दौरान कुछ एनजीओ संचालकों की ओर से अधिकारियों पर दबाव बनाने के विरोध में एडीएम वर्मा ने इस्तीफा देकर प्रदेश भर में हलचल मचा दी थी।
हालांकि दूसरे दिन अधिकारियों के समझाने बुझाने पर उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था, लेकिन उनके इस कदम से यहां चल रहे सतत विकास पर्व के कई कार्यक्रम केवल औपचारिक बन कर रह गए। बाहरी क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों के रहने, खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर एनजीओ संचालक और एडीएम के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि एडीएम को अपना इस्तीफा देने के लिए विवश होना पड़ा।