गुरुद्वारा श्रीरीठा साहिब में तीन दिनी सालाना जोड़ मेला संपन्न हो गया। गुरु ग्रंथ साहिब के अखंड पाठ के महाभोग और अरदास के साथ मेले का समापन किया। तीन दिवसीय मेले में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मत्था टेक मनौती मांगी। मेला संपन्न होने के बावजूद तीर्थयात्रियों के आने का सिलसिला जारी है।
गुरुद्वारे में देर तक सबद-कीर्तन जारी रहा। सिख संगत को संबोधित करते हुए सिख गुरुओं ने सिख धर्म गुरुओं के त्याग और बलिदान का स्मरण किया। शनिवार सुबह तीर्थयात्रियों ने लधिया और रतिया नदी के संगम में पर्व स्नान किया। इस अवसर पर कार सेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह, गुरुद्वारा प्रबंधक बाबा श्याम सिंह समेत तमाम संत मौजूद थे। महाभोग का लंगर छकने के बाद यहां से तीर्थयात्रियों की रवानगी शुरू हुई। मेला समाप्त होने के बाद गुरुद्वारे की सफाई में लोग जुटे हुए हैं।
पीएलवी हयात राम ने विधिक सेवा लगाकर लोगों को कानूनी जानकारी दी। प्रशासन द्वारा सफाई का वैकल्पिक प्रबंध नहीं करने से नदी के किनारे कई जगह गंदगी बढ़ गई है। ढेरों श्रद्धालुओं ने बाइक और ट्रकों से सफर किया।
जगह-जगह लगे लंगर
चंपावत। श्रीरीठा साहिब मेले में जगह-जगह लंगर लगाकर लोगों को प्रसाद बांटा गया। शनिवार को मुड़ियानी, अमोड़ी, चल्थी, खेतीखान सहित सात स्थानों में लंगर लगाए गए। अमोड़ी में गुरुद्वारा श्रीफौड़ी साहिब सिंह सभा सरौजा ऊधमसिंह नगर ने लंगर सेवा की।
गुरुदेव सिंह, करनौल सिंह, चरण सिंह, ज्ञानी मंजीत सिंह, सुरजीत, डा.जरनौल सिंह, जसवंत सिंह, बड़ सिंह, मल्कित सिंह, मंगत सिंह, महेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह ने लंगर सेवा की। अमोड़ी के जिला पंचायत सदस्य उमाशंकर भट्ट, बलदेव भट्ट, हरीश चंद्र, महेंद्र सिंह, खुशाल दत्त, सुरेश, गणेश भट्ट, रमेश चंद्र आदि ने सहयोग किया। मुड़ियानी में गुरु रामदास सेवा समिति ऊधमसिंह नगर के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कुलवीर सिंह व बलवंत सिंह के नेतृत्व में लगे लंगर में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद छका। कई जगह चिकित्सा कैंप लगाकर लोगों को राहत दी गई।