उत्तराखंड आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन ने एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना में की गई कटौती पर नाराजगी जताई है। इसके खिलाफ संगठन सड़कों पर उतरेगा। शुक्रवार को जिलाध्यक्ष दीपा पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में यूनियन ने कहा कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से महिला और बाल कुपोषण बढ़ेगा। इसके विरोध में संगठन 10 जून को प्रदेश के सभी जिले, तहसील और ब्लाक मुख्यालयों में प्रदर्शन करेगा।
संगठन ने आईसीडीएस योजना में ली गई कटौती वापस करने के अलावा मानदेय में इजाफा, राज्य कर्मी का दर्जा, न्यूनतम मानदेय 15 हजार रुपये करने की मांग की। यूनियन के महामंत्री कैलाश पांडेय, केके बोरा ने सिडकुल में काम करने वाले उत्तराखंड के नौजवानों को शोषण से निजात दिलाने, न्यूनतम मजदूरी देने की मांग की।
बैठक में विमला पनेरू, पुष्पा खर्कवाल, आशा खाती, विनीत आर्या, गीता पाटनी, सोनम बोहरा, अनीता रावत, दीपा महर, चंद्रा कापड़ी, माया देवी, शशिप्रभा, दीपानाथ, जानकी भट्ट, हेमा भट्ट, हेमा थ्वाल, सविता बोहरा, शोभा पांडेय, शांति गोस्वामी, लक्ष्मी जोशी, शांति मेहता, मीनू जोशी, प्रवीणा गड़कोटी सहित तमाम कार्यकर्ता मौजूद थे।