मां पूर्णागिरि धाम के तिवारी समुदाय के पुजारियों ने वीरान पड़े पुश्तैनी गांव खर्राटाक को आबाद करने के लिए बुनियादी सुविधाओं की मांग उठाई है। शनिवार को टनकपुर में लगे बहुउद्देश्यीय शिविर में विधायक कैलाश गहतोड़ी से मिले समुदाय के शिष्टमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर गांव को सड़क से जोड़ने के साथ ही बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने का आग्रह किया। विधायक ने कहा कि वे जल्द ही खर्राटाक समेत सीमांत गांवों का दौरा कर जनसमस्याओं से रूबरू होंगे और उन्हें दूर कराने को हरसंभव कदम उठाएंगे।
करीब 27 साल वीरान पड़े पुश्तैनी गांव को आबाद करने के लिए आगे आई समुदाय की नई पीढ़ी ने राज्य स्थापना दिवस से गांव के श्री सिद्ध बाबा मंदिर में पांच दिनी जागर लगाने का निर्णय लिया है। पूर्णागिरि मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी एवं श्री सिद्ध बाबा जागर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी के नेतृत्व में तिवारी समुदाय के पुजारियों ने शनिवार को बहुउद्देश्यीय शिविर में विधायक गहतोड़ी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि गांव को आबाद करने के लिए सड़क पहली जरूरत है। श्यामलाताल से पोथ तक 17 किमी सड़क काटी जा चुकी है जो भविष्य में कोटकेंद्री से भैरव मंदिर से जुड़नी है। उनका कहना है कि पोथ से खर्राटाक की दूरी चार किमी और कोटकेंद्र से दो किमी है। उन्होंने खर्राटाक तक सड़क मंजूर कराने का आग्रह करते हुए विधायक से गांव में आने का न्यौता भी दिया।