पिथौरागढ़। विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) शंकर राज की अदालत ने नाबालिग को प्रेम जाल में फंसाकर उसका शारीरिक शोषण करने के आरोपी को दोषमुक्त करार दिया है।
मामले के अनुसार चार अगस्त 2023 को पीड़िता की मां ने कोतवाली पिथौरागढ़ में तहरीर देकर कहा कि उनकी नाबालिग पुत्री कक्षा 10 की छात्रा है। उसने 2020 में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपनी आईडी बनाई थी। फेसबुक पर उसकी दोस्ती हरिद्वार निवासी उज्ज्वल त्यागी से हो गई। उज्ज्वल ने उनकी नाबालिग पुत्री को प्रेम जाल में फंसाकर जनवरी 2021 में रुड़की हरिद्वार बुलाया और एक कमरे में ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाकर अश्लील वीडियो बनाई। तब से वह उसे ब्लैकमेल करने लगा है।
आईडी पासवर्ड लेकर फेसबुक का गलत इस्तेमाल करते हुए उसकी अश्लील फोटो अपलोड कर रहा है। पुलिस ने तहरीर पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2)(आई)(एन), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 5 (1) सपठित धारा 6, 11, 12 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 सी, 67 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। तब से यह मामला न्यायालय में चल रहा था। सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) की अदालत ने सभी पक्षों और गवाहों को सुना। अदालत में उज्ज्वल त्यागी पर लगाए गए आरोप साबित नहीं हो सके। इस पर न्यायालय ने उज्ज्वल त्यागी को आरोपों से दोषमुक्त करार दिया। संवाद