छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को झटका लगा। दो बार से लगातार काबिज एबीवीपी इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के हाथों शिकस्त खा गई। 377 वोट पाने वाले नाथ सिंह बोहरा ने अध्यक्ष पद पर हरीश जोशी को 88 वोटों से हराया। 5 छात्रों के वोट अवैध रहे, जबकि 5 ने नोटा का उपयोग किया। प्राचार्य डा.एसएस भंडारी ने निर्वाचित अध्यक्ष को शपथ दिलाई।
जीत के बाद विजयी प्रत्याशियों ने जुलूस निकाल जश्न मनाया। कॉलेज के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा.बीपी ओली ने बताया कि मंगलवार सुबह 8 से 1 बजे तक मतदान हुआ। कुल 795 मतदाताओं में से 676 ने वोट डाले। इसमें से 33 वोट अवैध और 22 वोट नोटा को पड़े। उपाध्यक्ष छात्रा पद पर एबीवीपी की पूजा खाती को 394 एवं रेनू जोशी को 258 वोट मिले।
14 वोट अवैध, 10 वोट नोटा को पड़े। सचिव पद पर पीयूष जोशी (495) ने मनीष बोहरा को रिकार्ड 335 वोटों से हराया। 14 वोट अवैध एवं 7 वोट नोटा के खाते में गए। उपाध्यक्ष पद पर प्रेम बल्लभ, संयुक्त सचिव में पवन प्रकाश सिंह बोहरा, कोषाध्यक्ष में पवन सिंह और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर जानकी राणा पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे।
चुनाव संचालन में डा.सुमन कुमारी, डा.तनुजा बिष्ट और डा.अल्का ने सहयोग दिया। प्रेक्षक पल्सों राजकीय हाइस्कूल के प्रधानाचार्य राधेश्याम खर्कवाल की मौजूदगी में चुनाव प्रक्रिया निपटाई गई।
पहली परीक्षा में फेल हो गए विधायक
चंपावत। सोमवार को लोहाघाट छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी प्रत्याशी को अध्यक्ष पद विजयी बनाकर लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने अपनी लोकप्रियता बरकरार रखी, मगर चंपावत के विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी पहली परीक्षा में ही फेल हो गए।
सोमवार को टनकपुर डिग्री कॉलेज में प्रत्याशी चयन विवाद को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने चंपावत के विधायक का टनकपुर में पुतला फूंका। तनाव के बाद मंगलवार को प्रस्तावित चुनाव टाल दिए गए। वहीं चंपावत में हुए चुनाव में भी एबीवीपी छात्रसंघ अध्यक्ष हरीश जोशी की हार से विधायक को झटका लगा है।