महाविद्यालय प्रशासन ने एबीवीपी की ओर से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी नरेश फिरमाल के चुनाव लड़ने पर लगाई आपत्ति को खारिज कर मतदान की तिथि घोषित कर दी है। शुक्रवार 13 अक्तूबर को मतदान होगा। कॉलेज प्रशासन मतदान की तैयारी में जुट गया है। वहीं, शांतिपूर्ण चुनाव कराने को कॉलेज प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के साथ बैठक की। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने कॉलेज परिसर को अपने कब्जे में ले लिया है।
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी फिरमाल के नामांकन पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा आपत्ति लगाई गई थी। छात्रसंघ चुनाव कमेटी द्वारा फिरमाल के नामांकन को वैद्य करार देने से भड़के एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कॉलेज में जमकर हंगामा किया। साथ ही प्राचार्य डॉ. जी प्रकाश एवं अन्य स्टाफ को रातभर बनाए रखा था, जिसके चलते कॉलेज प्रशासन को चुनाव निरस्त कर कॉलेज बंद कराना पड़ा था। बुधवार को प्रशासन द्वारा पुलिस सुरक्षा में कॉलेज खुलवाने के बाद फिरमाल के नामांकन की वैद्यता की जांच की गई।
छात्रसंघ प्रभारी एवं मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि चुनाव कमेटी एवं शिकायत निवारण प्रकोष्ठ द्वारा की गई जांच और विवि के शासकीय अधिवक्ता से सलाह लेने के बाद फिरमाल के नामांकन को वैद्य करार दिया गया है। प्राचार्य डॉ. जी प्रकाश ने बताया कि विश्वविद्यालय की संस्तुति के बाद शुक्रवार यानी 13 अक्तूबर को चुनाव की तिथि तय की गई है। पूर्व में हुए नामांकन पर ही चुनाव होंगे। सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक मतदान होगा और मतदान के बाद मतों की गिनती कर परिणामों की घोषणा की जाएगी।
बता दें कि अध्यक्ष पद के लिए नरेश फिरमाल, किरन राजपूत, उपाध्यक्ष पद रोहित मित्तल, शिवम माहेश्वरी, सचिव पद पर पंकज पांडेय, शहरोज हुसैन, कोषाध्यक्ष पद पर करन राम, ललित मेहरा एवं विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर मयंक पंत, ललित मोहन जोशी चुनाव मैदान में हैं, जबकि छात्रा उपाध्यक्ष पद पर मनीषा जोशी, संयुक्त सचिव पद पर शुभम प्रसाद, संकाय प्रतिनिधि पद पर मो. फुरकान के खिलाफ कोई प्रत्याशी न होने से इनका निर्विरोध निर्वाचन तय है।
फिरमाल समर्थक छात्रों का धरना समाप्त
छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी नरेश फिरमाल के समर्थक छात्र-छात्राओं ने धरना समाप्त कर दिया है। बता दें कि विवाद के बार चुनाव निरस्त होने पर भड़के फिरमाल समर्थक छात्र कॉलेज गेट पर धरने पर बैठ गए थे।