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चुनाव बाद भी एबीवीपी को झटका

Fri, 13 Oct 2017 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत)।
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टनकपुर महाविद्यालय छात्र संघ के लिए पेटी में मतपत्र डालती छात्रा - फोटो : अमर उजाला
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राजकीय महाविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी को करारी शिकस्त मिली है। सभी पदों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने कब्जा जमाया है। अध्यक्ष पद पर नरेश फिरमाल, उपाध्यक्ष पद पर रोहित मित्तल, सचिव पद पर शहरोज हुसैन, कोषाध्यक्ष पद पर करन राम और विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर ललित मोहन जोशी ने कब्जा जमा लिया है, जबकि छात्रा उपाध्यक्ष पद पर मनीषा जोशी, उप सचिव पद पर शुभम प्रसाद, संकाय प्रतिनिधि पद पर मो. फुरकान निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए हैं। कई वोट रद्द हुए तो कई छात्र-छात्राओं ने नोटा का भी प्रयोग किया है। शपथ ग्रहण के बाद विजयी प्रत्याशियों ने समर्थकों के साथ शहर में जुलूस निकालकर जश्न मनाया।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हुआ। शुरुआती समय में मतदान की रफ्तार कम रही, लेकिन बाद में रफ्तार बढ़ गई थी। मतदान अवधि दोपहर एक बजे तक 1103 में 710 छात्र-छात्राओं ने वोट डाले। प्राचार्य डॉ. जी प्रकाश, मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती, सहायक चुनाव अधिकारी डॉ.एमएस चौहान, डॉ.एसके कटियार, डॉ. सर्वजीत सिंह की देखरेख में चुनाव शांतिपूूर्ण संपन्न हुए। अध्यक्ष पद पर नरेश फिरमाल ने एबीवीपी की किरन राजपूत को 276 मतों के अंतर से हराया। नरेश को 479, किरन को 203 वोट मिले। 18 वोट रद्द एवं 10 नोटा वोट पड़े।
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उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय रोहित मित्तल ने एबीवीपी के शिवम माहेश्वरी को 265 वोटों के अंतर से हराया। रोहित को 454, शिवम को 189 वोट मिले। 52 वोट रद्द और 14 वोट नोटा में पड़े। सचिव पद शहरोज हुसैन ने एबीवीपी के पंकज पांडेय को 114 मतों के अंतर से हराया। शहरोज को 384, पंकज को 270 वोट मिले। 37 वोट रद्द हुए और 10 नोटा वोट पड़े। कोषाध्यक्ष पद पर करन राम को 455, एबीवीपी के ललित मेहरा को 270 मत मिले। 47 वोट रद्द हुए एवं 11 वोट नोटा में पड़े। विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर भी एबीवीपी को हार झेलनी पड़ी। इस पद पर ललित मोहन जोशी ने मयंक पंत को 42 वोटों से हराया है। ललित को 361, मयंक को 319 वोट मिले। 25 वोट रद्दहुए और 5 वोट नोटा में पड़े।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष फिरमाल के नामांकन की वैद्यता को लेकर चुनाव से पहले तीन दिन तक मचे बवाल के मद्देनजर प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट रहा। स्थानीय फोर्स के अलावा पूरे जिले का फोर्स यहां तैनात रहा। एसडीएम अनिल चन्याल, तहसीलदार जोगा सिंह, सीओ आरएस रौतेला, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा दिनभर कॉलेज परिसर में डेरा डाल सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे रहे।
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छात्रों में मुखर हो रहे सत्ता विरोध सुर
चंपावत। चंपावत जिले की छात्र सियासत में सत्ता विरोधी स्वर मुखर हो रहे हैं। खासकर चंपावत विधानसभा क्षेत्र में भाजपा से जुड़े छात्र संघ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को करारी शिकस्त मिली है। शुक्रवार को टनकपुर छात्रसंघ चुनाव में भी एबीवीपी को बुरी तरह हार मिली है। सभी पांच पदों पर उसे निर्दलीय प्रत्याशियों ने पटखनी दी। इससे पूर्व 10 अक्तूबर को हुए चंपावत छात्रसंघ चुनाव में भी एबीवीपी को मात मिली। लोगों का मानना है कि एबीवीपी का यह प्रदर्शन जिले में 7 माह पहले विजयी हुए भाजपा विधायक कैलाश चंद्र गहतोड़ी की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर रही है, साथ ही उनकी लोकप्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। यहां तक कि 9 अक्तूबर की रात टनकपुर में खुद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विधायक की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए उनका पुतला दहन किया था।
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