बाराकोट में आयोजित मुख्य तहसील दिवस में प्रभारी जिलाधिकारी जेएस राठौर ने अनुपस्थित रहने पर आरईएस और पशुपालन विभाग के अधिकारियों का जवाब तलब करने के निर्देश दिए। तहसील दिवस में फरियादियों की संख्या कम अधिकारियों की संख्या अधिक रहीं। फरतोला के प्रधान सुनील वर्मा के बाराकोट-फरतोला सड़क मार्ग पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग पर डीएम ने जांच के आदेश दिए।
प्रधान ने सीएचसी बाराकोट में स्टाफ नर्स की तैनाती की भी मांग की। लोगों ने सलना-पम्दा पेयजल योजना के जीर्णोद्धार को पूरा करने की मांग की। लोगों का कहना था कि इस योजना के लिए बीआरजीएफ में 38 लाख रुपये स्वीकृत हुए, जिसमें 16 लाख रुपये अवमुक्त होने के बाद यह योजना समाप्त हो गई है, जिससे यह कार्य लटक गया है।
बीईओ महावीर चौधरी ने घाट-बांस सड़क के बनने से प्राथमिक विद्यालय बांस की पेयजल योजना ध्वस्त होने की जानकारी दी। डीएम ने तत्काल संबंधित विभाग को योजना ठीक करने के निर्देश दिए। भगवानदास जोशी ने पम्दा के आंगनबाड़ी केंद्र के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी। डीएम ने नया भवन बनाने का प्रस्ताव देने को कहा। समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी ने पेंशन संबंधी कई विवाद सुलझाए। लोगों ने बाराकोट में स्पीड ब्रेकर लगाने, सिंगदा में एएनएम केंद्र में एएनएम की तैनाती, बाराकोट तहसील में प्रमाणपत्र बनाने में हो रही दिक्कतों के मामले उठाए।
इस दौरान एसडीएम रविंद्र बिष्ट, सीएओ आरएल चंद्रवाल, शैली प्रजापति, बीडीओ पीएस रावत, तहसीलदार बीएस माहरा मौजूद थे। पाटी में एसडीएम निर्मला बिष्ट ने तहसील दिवस में आए दो मामलों का मौके में ही निस्तारण किया। यहां फरियादियों की तादात कम थी, जबकि लोहाघाट में एक भी फरियादी के न आने से तहसील दिवस की रस्म नहीं हो पाई।