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Champawat News: पेपर लीक के विरोध में सड़क पर उतरा युवाओं का सैलाब

Tue, 23 Sep 2025 10:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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चंपावत मुख्यालय में आक्रोश रैली निकालते युवा। संवाद
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चंपावत। यूकेएसएसएससी की 21 सितंबर को वीडीओ, पटवारी भर्ती पेपर लीक मामले में जिला मुख्यालय में छात्र-छात्राओं ने धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने कुछ देर के लिए एनएच पर जाम भी लगाया।
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मंगलवार को लोहाघाट और चंपावत के युवाओं ने चंपावत रोडवेज स्टेशन से मुख्य चौक होते हुए डीएम कार्यालय तक मार्च निकाला। इस दौरान सरकार और आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने कहा कि कड़ी मेहनत कर वे लोग परीक्षा दे रहे हैं लेकिन सारी मेहनत पेपर लीक होने से विफल जा रही है। सरकार का कानून बनाना छलावा है।
युवाओं ने सरकार की परीक्षा तैयारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर परीक्षा के दौरान पेपर कैसे बाहर आ गया। उन्होंने पेपर लीक मामले की जल्द से जल्द जांच करवाने के साथ ही सख्त कार्रवाई की मांग की। बाद में डीएम मनीष कुमार को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष मनीष महर, धीरज कुमार, दिनेश जोशी, पंकज बोरा, नमन देव, मोहित अधिकारी समेत कई युवा शामिल रहे।
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एनएच पर लगा लंबा जाम, पुलिस से हुई तनातनी
जिला मुख्यालय में युवाओं की आक्रोश रैली के चलते एनएच पर पांच किमी तक लंबा जाम लग गया। करीब 12 बार जाम की स्थिति रही। जाम में रोडवेज की बसें, प्राइवेट, टैक्सी, दोपहिया वाहन और स्कूल बसें फंस गईं। युवा रोडवेज स्टेशन, जीआईसी तिराहे, पेट्रोल पंप के पास, भाजपा कार्यालय और छतार तिराहे पर एनएच पर कई बार बैठे। उन्होंने किसी भी वाहन को आगे नहीं बढ़ने दिया। हालांकि छतार क्षेत्र में फंसी दो एंबुलेंस को उन्होंने जरूर जाने दिया लेकिन अन्य किसी भी वाहन को आगे नहीं बढ़ने दिया।
पुलिस से हुई हल्की तनातनी
जाम के दौरान पुलिस अधिकारी युवाओं से जाम न लगाने की अपील करते रहे लेकिन युवा नहीं माने। बीच-बीच में हल्की तनातनी भी होती रही। जीजीआईसी तिराहे के पास जाम के दौरान एक स्कूटी जीआईसी की तरफ जा रही थी। इस दौरान प्रदर्शनकारी युवक ने स्कूटी सवार को रोक दिया। लोहाघाट थानाध्यक्ष अशोक कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें ऐसे करने से मना किया लेकिन युवा नहीं माने। एसडीएम अनुराग आर्य पहुंचे और कहा कि उनकी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा, सड़क पर बैठकर जाम न लगाएं। इसके बाद छात्र वहां से उठे लेकिन थोड़ा आगे निकलकर फिर एनएच पर बैठ गए। छतार में एक टैक्सी चालक डीएम कार्यालय की तरफ जा रहा था। एक युवक ने उसे रोक दिया। कहा, पीछे जाओ हमारी पीड़ा समझो। चालक और युवा के बीच हल्की बहस हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोहाघाट और पंचेश्वर के थाना प्रभारी टीम के साथ मौके पर डटे रहे।
भाजपा कार्यालय के बाहर लगा पोस्टर फाड़ा
आक्रोशित युवाओं ने भाजपा कार्यालय के बाहर एनएच पर धरना दिया। युवाओं ने बंद कार्यालय के गेट को खटखटाया और भीतर पानी की बोततें फेंकनी शुरू कर दीं। यह देख पुलिस कर्मी दौड़कर कार्यालय के गेट पर खड़े होकर युवाओं को चेताने लगे। आक्रोशित युवाओं ने कार्यालय की दीवार पर लगा पार्टी का पोस्टर फाड़ दिया। इससे पूर्व पेट्रोल पंप के पास एक मकान में लगे तीन पोस्टरों को भी युवाओं ने फड़वा दिया।
एसपी के समझाने के बाद उठे युवा
छतार में एनएच पर धरने पर बैठे युवाओं को मनाने के लिए एसपी अजय गणपति भी पहुंचे। उन्होंने युवाओं से कहा कि डीएम के सामने अपनी बात रखिये। स्कूल बस में छोटे-छोटे बच्चे हैं। उन्हें परेशान न करें। तब जाकर युवा उठे। इस दौरान युवा गुटों में बंटते भी नजर आए। एक गुट कहने लगा- हम मार्च करने निकले हैं, जाम लगाने नहीं। वहीं दूसरा वर्ग का कहना था कि हमें किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। लोकतंत्र में अगर आंदोलन करने के लिए अनुमति लेनी पड़े तो वह तानाशाही है।
एक नेता की टोपी उतरवाई
युवाओं के मार्च के दौरान एक नेता की टोपी उतरवा दी। उन्होंने कहा कि यह बेरोजगार युवाओं का मामला है। किसी पार्टी विशेष का मामला नहीं है। युवाओं ने साफ तौर पर कहा कि पार्टी विशेष का इस आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। यह उनके हक की लड़ाई है।
युवाओं का कहना
पेपर लीक होने से युवाओं की वर्षों की मेहनत बर्बाद हो रही है। इस परीक्षा लीक होने की जल्द से जल्द जांच होनी चाहिए। सरकार कानून सिर्फ दिखावे के लिए बना रही है। - उमा शंकर भट्ट, छात्र
21 सितंबर को हुई परीक्षा के लीक होने के मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। पेपर लीक करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। - मुकेश महर, छात्र संघ अध्यक्ष, डिग्री कॉलेज, चंपावत
सरकार के नकल विरोधी कानून का क्या फायदा, जो पेपर लीक को न रोक सके। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। - सुमित मुरारी, छात्र
सख्त नकल विरोधी कानून के बाद भी पेपर लीक होना सरकार की नाकामी है। अभ्यर्थी आखिर कब तक इन हालातों में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करेगा। - गौतम गोस्वामी, छात्र
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