लोहाघाट (चंपावत)। डीएम दीपेंद्र चौधरी ने सोमवार को अधिकारियों के साथ मामले पर चर्चा की। डीएम ने सेरी तोक में घुस रहा मलबा, पानी रोकने को कहा। बताया कि भविष्य में लोगों के जीवन को बचाने के लिए उन्हें विस्थापित करने, आपदा की पुनरावृत्ति न होने के लिए मंगलवार को एसडीएम के नेतृत्व में अधिकारियों का दल मौके में जाएगा, जो हर संभावनाओं को परखने के साथ डीएम को सुझाव देगा।
जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों के विस्थापना के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने सड़क के ऊपर रुके मलबे, बोल्डराें को निस्तारित करने को कहा। साथ ही इस क्षेत्र में नालियों की स्थिति समेत भूस्खलन के नए खतरे का भी जायजा लेने को कहा। अवैध खनन रोकने के भी निर्देश दिए। इस दौरान लोनिवि के ईई बीआर मिश्रा, भुवन शंकर पांडेय समेत वन, सिंचाई, विश्व बैंक आदि विभागाें के अधिकारी मौजूद थे। तहसीलदार बीएस माहरा का कहना है कि पीड़ित लोगों को हुए नुकसान का मुआवजे का विवरण तैयार किया जा रहा है। शीघ्र ही पीड़ितों को आपदा राहत के मानकों के अनुसार राहत सहायता बांटी जाएगी।
लोहाघाट (चंपावत)। बाराकोट के ब्लॉक प्रमुख निर्मल माहरा ने सेरी तोक में रविवार को हुई तबाही के बारे में डीएम को ज्ञापन दिया। बताया कि इस तोक के चार नाले इकट्ठा होकर तबाही मचाते हैं। उन्होंने पीड़ित परिवाराें के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को वहां की स्थिति का पूरा जायजा लेते हुए लोगाें को सुरक्षित स्थान में विस्थापित करने पर विचार करना चाहिए। माहरा का कहना था कि 1974, 2009 में भी इसी प्रकार की क्षति हो चुकी है। उन्होंने सड़क बनने से हादसे की आशंका को भी खारिज किया।